टोक्यो,(ईएमएस)। जापान में लोअर हाउस के लिए मतदान हो रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री साने ताकाइची को बड़ी जीत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, देश के कई हिस्सों में बर्फबारी के कारण मतदान प्रतिशत घटने की आशंका है। ताकाइची जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने अक्टूबर में पद संभाला था। ओपिनियन पोल के अनुसार, उनकी कंजर्वेटिव गठबंधन (लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी और जापान इनोवेशन पार्टी) को संसद के निचले सदन (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) की 465 सीटों में से 300 से ज्यादा सीटें मिल सकती हैं। फिलहाल गठबंधन के पास 233 सीटें हैं, और अगर यह 310 सीटें जीत लेता है, तब ऊपरी सदन में विपक्ष के नियंत्रण के बावजूद कानून पास करने की ताकत मिलेगी। ताकाइची ने कहा है कि अगर गठबंधन बहुमत खो देता है, तब वह इस्तीफा दे देंगी। दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी ताकाइची को समर्थन जता चुके हैं। दरअसल ताकाइची ने चीन के खिलाफ मजबूत रुख अपनाकर सैन्य खर्च बढ़ाया है, आर्थिक पैकेज और टैक्स कटौती की घोषणा की है। उन्होंने खाद्य पदार्थों पर 8 प्रतिशत सेल्स टैक्स को दो साल के लिए निलंबित करने का वादा किया है, ताकि बढ़ती महंगाई से लोगों को राहत मिले। रणनीतिक सलाहकार कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर के मुताबिक, ‘अगर ताकाइची बड़ी जीत दर्ज करती हैं, तब उन्हें टैक्स में कटौती जैसे अहम फैसलों को लागू करने की आजादी मिलेगी।’ दरअसल ट्रम्प ने अपनी पोस्ट में ताकाइची को पूर्ण समर्थन दिया है। उन्होंने तकाइची को मजबूत, शक्तिशाली और बुद्धिमान नेता कहा, जो अपने देश से सच्चा प्यार करती हैं और जापान के लोगों को निराश नहीं करेंगी। ट्रम्प ने बताया कि वह 19 मार्च 2026 को व्हाइट हाउस में ताकाइची से मुलाकात करने को बेताब है। यह समर्थन जापान के 8 फरवरी 2026 के चुनाव से ठीक दो दिन पहले आया है। यह पहली बार है जब किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने जापान के किसी नेता को चुनाव में खुलकर समर्थन दिया है। सोशल मीडिया पर ताकाइची को लेकर ‘सानाकात्सु’ नाम का ट्रेंड भी चर्चा में है। इसमें उनके इस्तेमाल किए गए सामान, जैसे हैंडबैग और संसद में इस्तेमाल किया जाने वाला गुलाबी पेन, युवाओं के बीच लोकप्रिय हो गए हैं। हालिया सर्वे में 30 साल से कम उम्र के 90 प्रतिशत से ज्यादा मतदाताओं ने ताकाइची के पक्ष में रुझान दिखाया, हालांकि यह वर्ग आमतौर पर कम मतदान करता है। आशीष दुबे / 08 फरवरी 2026