-इसे माइकलएंजेलो ने सिस्टीन चैपल की छत पर 1508 से 1512 के बीच चित्रित किया था न्यूयॉर्क,(ईएमएस)। न्यूयॉर्क में एक छोटा सा स्केच क्रिस्टीज करोड़ों डॉलर में बिक गया। इस स्केच की नीलामी इतनी ज्यादा इसलिए लगी, क्योंकि नीलामी घर ने इसे महान कलाकार माइकल एंजेलो की कृति के रूप में प्रमाणित किया था। यह मामूली सा दिखने वाला स्केच एक पैर को दर्शाता है, जिसमें एड़ी जमीन से थोड़ी ऊपर उठी हुई है और नीचे उसकी परछाईं की हल्की सी रूपरेखा बनी है। जब इसके मालिक ने इसकी तस्वीर ऑनलाइन वैल्यूएशन पोर्टल पर भेजी थी, तब उन्हें भी अंदाजा नहीं था कि उनके पास मौजूद यह ड्रॉइंग कला इतिहास की एक बेहद कीमती धरोहर साबित होगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक न्यूयॉर्क में हुई क्रिस्टीज की नीलामी में यह स्केच फीस समेत 2.72 करोड़ डॉलर यानी करीब 246 करोड़ रुपए में बिकी। नीलामी से पहले इसकी अनुमानित कीमत कम आंकी गई थी, लेकिन जैसे ही यह साफ हुआ कि यह ड्रॉइंग खुद माइकल एंजेलो ने बनाई थी, इसके लिए जबरदस्त बोली लगने लगी। आखिरकार यह अपने अनुमानित मूल्य से करीब 20 गुना ज्यादा कीमत पर बिकी और नीलामी में बिकने वाली माइकल एंजेलो की अब तक की सबसे महंगी कृति बन गई। विशेषज्ञों के मुताबिक माइकल एंजेलो ने यह स्केच लाल चॉक से बनाया था। यह दरअसल वैटिकन स्थित सिस्टीन चैपल की छत पर बनाई गई प्रसिद्ध फ्रेस्को पेंटिंग की तैयारी के दौरान बनाया गया प्रारंभिक रेखाचित्र था। माइकल एंजेलो ने सिस्टीन चैपल की छत को 1508 से 1512 के बीच चित्रित किया था, जिसे कला जगत की सबसे महान कृतियों में गिना जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक अगर सिस्टीन चैपल की छत पर बनी ‘लिबियन सिबिल’ की आकृति को ध्यान से देखा जाए, तो उसमें एक विशाल महिला आकृति दिखाई देती है, जो पीछे की ओर मुड़कर एक किताब रखने की मुद्रा में है। उसी आकृति के पैर की स्थिति बिल्कुल इसी स्केच से मेल खाती है…उंगलियां थोड़ी मुड़ी हुई, एड़ी जमीन से उठी हुई और नीचे हल्की सी परछाईं। यही समानता इस स्केच को माइकल एंजेलो की कृति साबित करने का सबसे अहम सुराग बनी। हालांकि यह ड्रॉइंग अब तक कला इतिहासकारों के लिए अज्ञात थी, लेकिन इसकी प्रामाणिकता को लेकर कई ठोस संकेत मिले। ड्रॉइंग के निचले बाएं कोने में माइकल एंजेलो का नाम लिखा है, और विशेषज्ञों के मुताबिक यह लिखावट ठीक वैसी ही है जैसी न्यूयॉर्क के मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट में मौजूद उनकी अन्य कृतियों पर मिलती है। क्रिस्टीज के मुताबिक महीनों की गहन जांच और रिसर्च के बाद माइकल एंजेलो के प्रमुख विशेषज्ञों ने सर्वसम्मति से माना कि यह स्केच उन्हीं की बनाई हुई है। बताया गया है कि यह स्केच पिछले 200 सालों से एक ही परिवार के पास था। 18वीं सदी में स्विट्जरलैंड के राजनयिक आर्मां फ्रांस्वा लुई द मेस्ट्राल द सेंट-सैफोरिन ने इसे यूरोप की यात्राओं के दौरान हासिल किया था। उस समय वह डेनमार्क के राजा के लिए काम कर रहे थे। बाद में उन्होंने यह स्केच अपने भतीजे को सौंप दिया और फिर पीढ़ी दर पीढ़ी यह ड्रॉइंग उसी परिवार में सुरक्षित रही। कला विशेषज्ञों का कहना है कि यह बिक्री इस बात का सबूत है कि कला की दुनिया में कभी-कभी सबसे छोटी और साधारण दिखने वाली चीजें भी असाधारण मूल्य रखती हैं। एक छोटे से पैर का स्केच, जिसने सदियों तक गुमनामी में समय बिताया, आज माइकल एंजेलो की प्रतिभा का अनमोल प्रमाण बनकर दुनिया की सबसे महंगी ड्रॉइंग्स में शामिल हो गया। सिराज/ईएमएस 09 फरवरी 2026