ज़रा हटके
09-Feb-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। हैल्थ एक्सपर्ट की माने तो रोजाना योगाभ्यास से शरीर और मन को सेहतमंद बनाए रखना संभव है। आज की भागदौड़ भरी और अनियमित जीवनशैली धीरे-धीरे शरीर को बीमारियों का घर बना देती है। इससे छुटकारा पाने आयुष मंत्रालय ने नित्य योग अभियान के तहत एक सरल और प्रभावी योग अभ्यास भुजबन्ध-शक्ति-विकासक को अपनाने की सलाह दी है। यह क्रिया खासतौर पर कंधों, भुजाओं और ऊपरी शरीर की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए कारगर मानी जाती है। भुजबन्ध-शक्ति-विकासक योग अभ्यास से शरीर की ताकत और लचीलापन बढ़ता है। नियमित अभ्यास से शरीर में ऊर्जा, स्फूर्ति और मानसिक ताजगी बनी रहती है। यह क्रिया भुजाओं और कंधों की मांसपेशियों को सक्रिय करके उनकी शक्ति बढ़ाती है और ऊपरी शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाती है। मांसपेशियां गठीली होती हैं और थकान दूर होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसे घर पर आसानी से किया जा सकता है और किसी विशेष उपकरण की जरूरत नहीं होती। अभ्यास शुरू करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हों और शरीर को तनावमुक्त रखें। दोनों हाथों की मुट्ठियां बांध लें और भुजाओं को कोहनी से मोड़ें, ताकि कोहनी और कंधे के बीच 90 डिग्री का कोण बने। मुट्ठियों को एक सीध में रखते हुए हाथों को तेज गति से वक्षस्थल (छाती) के सामने लाएं और फिर पीछे की ओर ले जाएं। इस क्रिया को आगे-पीछे तेजी से दोहराएं। शुरुआत में 20-30 बार करें और धीरे-धीरे इसे बढ़ाया जा सकता है। भुजबन्ध-शक्ति-विकासक अभ्यास के कई लाभ हैं। कंधों और भुजाओं की मांसपेशियां मजबूत और गठीली बनती हैं। शरीर के ऊपरी हिस्से में रक्त संचार बढ़ने से थकान और सुस्ती कम होती है। कंधों की जकड़न और दर्द से राहत मिलती है, शरीर को नई ऊर्जा मिलती है और पोश्चर सुधरता है। नियमित अभ्यास से हाथों की ताकत भी बढ़ती है, जिससे रोजमर्रा के काम करने में आसानी होती है। सुदामा/ईएमएस 09 फरवरी 2026