खेल
09-Feb-2026
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मुम्बई (ईएमएस)। 14 साल के उभरते हुए बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने पिछले कुछ समय में अपने अच्छे प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया है। आईपीएल से लेकर अंडर-19 क्रिकेट तक वह छाये रहे हैं। वैभव अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। वह दबाव के बीच भी आसानी से बड़े शॉट लगा देते हैं। अंडर-19 विश्व कप में भारतीय टीम की जीत में भी उनकी अहम भूमिका रही है पर इसके बाद भी इसके अगले संस्करण में वह खेल नहीं पायेंगे। इस कारण भारतीय क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई का एक नियम है। बीसीसीआई ने साल 2016 में राहुल द्रविड़ के कोच रहते एक नियम बनाया था जिसके अनुसार कोई भी खिलाड़ी एक ही बार अंडर-19 विश्कप खेल सकेगा। ये फैसला इसलिए किया गया था ताकि अधिक से अधिक उभरती हुई प्रतिभाओं को इसमें खेलने का अवसर मिल सके। इस फैसले का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अवसर देना था। वैभव ने इस बार अंडर-19 विश्वकप में कप में कई रिकार्ड बनाये हैं जो उनके नाम वह पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वालों की सूची में दूसरे स्थान पर रहे। इसके अलावा फाइनल मुकाबले में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 175 रनों की पारी खेली थी जिससे भारतीय टीम की खिताब जीत आसान रही। वह पूरे टूर्नामेंट में अच्छी बल्लेबाजी के लिए प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का अवार्ड जीतने में भी सफल रहे। वैभव ने पूरे टूर्नामेंट में अपने अच्छे प्रदर्शन के बल पर प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट दोनों खिताब हसिल किया है। साफ 2016 से पहले जब कोई पाबंदी नहीं थी तब कई भारतीय खिलाड़ियों को अंडर-19 विश्व कप में दो बार खेलने का मौका मिला था। इसमें रवींद्र जडेजा, सरफराज खान, आवेश खान, रिकी भुई और विजय ज़ोल जैसे खिलाड़ी हैं। इनमें से हालांकि जडेजा ही सीनियर स्तर पर अपने को साबित कर पाये। वहीं भारतीय टीम का रिकार्ड अंडर-19 टीम में बेहतरीन रहा है। भारत ने अब तक छह बार ये खिताब जीता है। गिरजा/ईएमएस 09 फरवरी 2026