राज्य
09-Feb-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। प्रगति मैदान के भारत मंडपम में आयोजित प्लास्टिक इंडिया एक्सपो ने प्लास्टिक को पर्यावरण के खतरे के बजाय समाधान के रूप में प्रस्तुत किया। रीसाइकिल प्लास्टिक से बने पोर्टेबल फौजी पुल, केबिन और स्कूल बेंच जैसे उत्पादों ने सभी को हैरान किया। यह एक्सपो दिखाता है कि सही प्रबंधन से प्लास्टिक कचरा अर्थव्यवस्था की ताकत बन सकता है, जिससे प्रदूषण कम होगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसके अलावा एक्सपो में रीसाइकिल प्लास्टिक से बने पोर्टेबल केबिन, स्कूलों के लिए टिकाऊ क्लासरूम बेंच, फ्लोर टाइल्स और आधुनिक स्पीकर्स भी आकर्षण का केंद्र रहे। गुणवत्ता और मजबूती के मामले में ये उत्पाद लकड़ी और धातु के आसान और टिकाऊ विकल्प के रूप में सामने हैं। दैनिक जीवन और साज- सज्जा के क्षेत्र में भी प्लास्टिक कचरे के नए रूप देखने को मिले। बेकार प्लास्टिक से बनी कलात्मक कुर्सियां, आकर्षक फूल- पत्तियां और कृत्रिम घास लोगों को खासा पसंद आ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इनका बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू किया जाए, तो प्लास्टिक कचरा पर्यावरण पर बोझ नहीं बल्कि अर्थव्यवस्था की ताकत बन सकता है। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/09/फरवरी/2026