राज्य
09-Feb-2026


* गुजरात के चार आदिवासी तालुकाओं में 10 से 12 फरवरी तक सामूहिक दवा वितरण का तीसरा चरण गांधीनगर (ईएमएस)| केंद्र सरकार ने वर्ष 2030 तक देशभर से हाथीपाँव अर्थात फाइलेरिया रोग के पूर्ण उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी लक्ष्य के अनुरूप, मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के मार्गदर्शन में गुजरात के नेत्रंग, नांदोद, डेडियापाड़ा और वघई क्षेत्रों में 10 से 12 फरवरी 2026 के दौरान सामूहिक दवा वितरण कार्यक्रम का तीसरा चरण आयोजित किया जाएगा। गुजरात में सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के कुल 17 जिले फाइलेरिया रोग के प्रति संवेदनशील माने गए हैं। अभियान के अंतर्गत, फाइलेरिया-संवेदनशील न होने वाले जिलों और महानगरपालिकाओं में रात्रि रक्त सर्वेक्षण किया गया था। इस परीक्षण के बाद भरूच जिले के नेत्रंग तालुका, नर्मदा जिले के नांदोद और डेडियापाड़ा तथा डांग जिले के वघई तालुका—इस प्रकार तीन जिलों के चार तालुकाओं में लिए गए रक्त नमूनों में फाइलेरिया के परजीवी पाए गए। इस अभियान के तहत इन चार तालुकाओं की 5.48 लाख से अधिक आबादी को कवर करते हुए, शरीर में मौजूद फाइलेरिया के कीड़ों को नष्ट करने के लिए डी.ई.सी. और एल्बेंडाजोल दवाएँ प्रत्यक्ष रूप से दी जाएँगी। हालाँकि, दो वर्ष से कम आयु के बच्चे, गर्भवती महिलाएँ, अत्यधिक बीमार व्यक्ति तथा प्रसव के एक सप्ताह के भीतर की धात्री माताएँ इस दवा वितरण से बाहर रखी जाएँगी। अभियान के दौरान इन क्षेत्रों की 759 आंगनवाड़ी केंद्रों, 742 स्कूलों, 15 कॉलेजों तथा सभी घरों में स्वास्थ्य कर्मियों की 649 टीमों द्वारा प्रत्यक्ष दवा वितरण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जो लोग किसी कारणवश छूट जाएँगे, उनके लिए 13 और 14 फरवरी 2026 को स्वास्थ्य कर्मी पुनः घर-घर जाकर दवा देंगे। साथ ही, सार्वजनिक स्थानों पर 61 बूथ स्थापित किए जाएँगे, जहाँ प्रत्यक्ष दवा वितरण किया जाएगा। अभियान के दौरान और उसके पूर्ण होने के बाद, तीन मेडिकल कॉलेजों के पी.एस.एम. (प्रिवेंटिव एंड सोशल मेडिसिन) विभाग द्वारा व्यक्तिगत मूल्यांकन भी किया जाएगा। कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की सभी टीमों, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा स्कूल शिक्षकों को आवश्यक प्रशिक्षण देकर तैयार किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित क्षेत्रों की जनता से इस जन-स्वास्थ्य अभियान में सक्रिय भागीदारी और सहयोग की अपील की है। सतीश/09 फरवरी