कांकेर(ईएमएस)। शहर के मध्य से गुजरने वाली दूध नदी इन दिनों प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रही है। जागरूकता के अभाव में भंडारीपारा वार्ड से लेकर ग्राम पंडरीपानी तक लोग नदी में कचरा और मलबा फेंक रहे हैं, जिससे नदी की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। पुराने बस स्टैंड के सामने स्थित स्टॉपडेम के पास भी बड़ी मात्रा में मलबा डाला जा रहा है। इससे नदी का प्राकृतिक प्रवाह प्रभावित हो रहा है और उसके अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कभी दूध नदी का पानी इतना स्वच्छ था कि लोग झरिया खोदकर उसी पानी का उपयोग पीने के लिए करते थे, लेकिन अब गंदगी और प्रदूषण के कारण नदी की हालत चिंताजनक हो गई है। पर्यावरण प्रेमियों और नागरिकों ने प्रशासन से नदी की सफाई, कचरा फेंकने पर रोक और जनजागरूकता अभियान चलाने की मांग की है, ताकि दूध नदी को प्रदूषण से बचाया जा सके। ईएमएस(राकेश गुप्ता)09 फरवरी 2026