जबलपुर (ईएमएस)। नेताजी सुभाषचंद्र बोस सुपर स्पेशलिटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती एक अपराधी द्वारा खुलेआम मोबाइल फोन के उपयोग का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। आदिवासी महिला की जमीन हड़पने जैसे गंभीर अपराध में सजा काट रहा पन्ना जिले का आरोपी इलाज के नाम पर अस्पताल में न केवल सुविधाएं ले रहा है, बल्कि मोबाइल के जरिए फरियादी पक्ष और गवाहों को धमकाने का भी आरोप झेल रहा है। इस घटना ने अस्पताल प्रशासन और बंदी की सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पन्ना पुलिस के पत्र से हुआ बड़ा खुलासा .......... इस पूरे मामले का खुलासा पन्ना पुलिस द्वारा केंद्रीय जेल अधीक्षक जबलपुर को भेजे गए एक पत्र से हुआ है। पत्र में बताया गया है कि आरोपी श्रीकांत दीक्षित पिता स्वर्गीय भास्कर दीक्षित, उम्र 58 वर्ष, निवासी टिकुरिया मोहल्ला पन्ना, थाना कोतवाली पन्ना में दर्ज अपराध क्रमांक 824/25 के तहत न्यायिक अभिरक्षा में है। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र सहित भारतीय दंड संहिता की कई गंभीर धाराओं और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज है। गिरफ्तारी के बाद भी अस्पतालों का चक्कर ........ पुलिस के अनुसार, आरोपी को 15 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया। गिरफ्तारी से पहले भी आरोपी अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जिला अस्पताल पन्ना में भर्ती रहा। वर्तमान में वह नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर के कार्डियो सुपर स्पेशलिटी वार्ड-06, दूसरी मंजिल में भर्ती है और केंद्रीय जेल जबलपुर की अभिरक्षा में है। मोबाइल से गवाहों को धमकाने का आरोप ........... पन्ना पुलिस के पत्र में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में होने के बावजूद लगातार मोबाइल फोन का उपयोग कर रहा है। इसी मोबाइल के माध्यम से वह फरियादी पक्ष और गवाहों को डराने-धमकाने का प्रयास कर रहा है, जिससे मामले की विवेचना प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। पुलिस पहरे पर भी उठे सवाल ......... मामले के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि न्यायिक अभिरक्षा में बंद आरोपी के पास मोबाइल फोन आखिर पहुंचा कैसे। आरोपी की सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों द्वारा बरती गई लापरवाही को लेकर उनकी भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है। जेल प्रशासन से कार्रवाई की मांग .......... पन्ना पुलिस ने केंद्रीय जेल अधीक्षक जबलपुर से औपचारिक अनुरोध किया है कि आरोपी श्रीकांत दीक्षित का मोबाइल उपयोग तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाए, ताकि निष्पक्ष जांच प्रभावित न हो और गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मामले के उजागर होने के बाद अस्पताल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।