क्षेत्रीय
09-Feb-2026
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- पुलिस को पीएम रिर्पोट का इंतेजार भोपाल(ईएमएस)। राजधानी भोपाल के देहात इलाके के ईटखेड़ी थाना क्षेत्र में रहने वाली 12वीं कक्षा की एक छात्रा की जहरीली दवा खाने से मौत हो जाने की घटना सामने आई है। शुरुआत में सामने आया है कि छात्रा ने 6 फरवरी को पूजा के बाद भभूत समझकर चूहा मारने की दवा जीभ पर लगाकर पढ़ने के लिये कोचिंग चली गई थी। थोड़ी देर बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ने पर परिजनो ने उसे भानपुर स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्रारभिंक इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। बताया गया है कि घर लौटने के बाद उसकी दोबारा तबीयत बिगड़ने पर उसे हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहॉ इलाज के दौरान सोमवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर पहुचीं पुलिस ने मर्ग कायम कर कारणो की जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार परिवार सहित लांबाखेड़ा में रहने वाले मनोज सेन मेहनत-मजदूरी का काम करते हैं। उनकी 17 वर्षीय बेटी वैष्णवी सेन निजी स्कूल से कक्षा बारहवीं की पढ़ाई करती थी। स्कूल के साथ ही वह पढ़ाई के लिये कोचिंग भी जाती थी। बताया गया है कि घर में बने मंदिर में वैष्णवी की मां ने चूहों की समस्या के कारण चूहा मारने की दवा मंदिर में रख दी थी। 6 फरवरी को वैष्णवी पढ़ने के कोचिंग जा रही थी, जाने से पहले वैष्णवी सेन ने पूजा की जगह भभूत समझकर पाउडरनुमा चूहामार दवा माथे में लगाने के बाद कुछ दवा जीभ पर लगाकर कोचिंग चली गई। वहां से लौटकर घर आने पर परिवार वालो ने देखा तो उसे उल्टियां हो रही थी। पूछने पर छात्रा ने बताया कि उसने मंदिर में रखी भभूत खाई है, तब मां ने बताया कि वह भभूत नहीं बल्कि चूहा मारने की दवा थी। परिजन उसे उसी दिन पीपुल्स अस्पताल ले गए। यहां इलाज कराने के बाद परिजन उसी दिन घर आ गए थे। लेकिन, अगले दिन फिर वैष्णवी की तबीयत बिगड़ी तब परिवार वाले उसे इलाज के लिये हमीदिया अस्पताल लेकर पहुचें। यहां उसे भर्ती कर उपचार शुरु किया गया लेकिन इलाज के दौरान बीती रविवार सुबह उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर पहुचीं पुलिस का कहना है कि मर्ग कायम कर शव को पीएम के बाद परिवार वालो को सौपं दिया गया है। परिजनों के शुरुआती बयानों में जो भभूत की बात सामने आई है, उसकी जॉच की जा रही है। वहीं छात्रा की पीएम रिपोर्ट मिलने का इंतजार है, जिसमें मौत का कारण साफ हो सकेगा। जुनेद / 9 फरवरी