- शहर सरकार पूरी तरह बैकफुब् पर, कॉग्रेंस और हिंदूवादी संगठन हमलावर - कॉग्रेसियो ने निगम दफ्तर का घेराव कर की जमकर नारेबाजी - महापौर मालती राय, एमआईसी का रावण रूपी पुतला फूंका भोपाल(ईएमएस)। राजधानी भोपाल में निगम के कंटेनर में पकड़ाये गौमांस को लेकर फैला आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले में जहॉ निगम-प्रशासन और राज्य सरकार लगातार बैकफुट पर नजर आ रही है, वहीं कॉग्रेंस और हिंदूवादी संगठन लगातार सरकार पर हमलावर है। इसी कड़ी में सोमवार को कॉग्रेस ने एक बार फिर सड़को पर उतरकर प्रभावी प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता रविंद्र साहू झूमरवाला के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आईएसबीटी स्थित निगम दफ्तर का घेराव कर जहॉ शहर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की वहीं अपना आक्रोश जताते हुए महापौर मालती राय और एमआईसी का रावण रूपी पुतला फूंका। इस दौरान कार्यकर्ताओ की सुरक्षा के लिये मौजूद पुलिस बल के साथ खासी धक्का-मुक्की भी हुई। कांग्रेसी कार्यकर्ता महापौर का 11 सिर वाला कटआउट लेकर पहुंचे थे, जिसमें 10 सिर गौकशी के मामले में सामने आये अन्य लोगो के हैं। इस दौरान कांग्रेस नेता रविंद्र साहू ने कहा की आज गौमाता की निर्मम हत्या और शहर में दूषित जल आपूर्ति जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर कॉग्रेस कार्यकर्ताओ के के साथ नगर निगम कार्यालय का घेराव किया गया। यह केवल विरोध नहीं, बल्कि जनआस्था, जनस्वास्थ्य और मानवीय संवेदनाओं की रक्षा के लिए उठाई गई सशक्त आवाज है। अपने सोशल मीडिया एकांउट पर उन्होनें पोस्ट किया है, की जिस प्रकार रावण ने साधु का वेश धारण कर माता सीता जी का अपहरण किया था, उसी प्रकार भाजपा सरकार, भगवा और हिंदुत्व का चोला ओढ़कर आस्था और धर्म की मूल भावना का अपहरण कर रही है। जो स्वयं को संस्कृति और संरक्षण का प्रहरी बताते हैं, उनके शासन में गौमाता असुरक्षित हैं, और जनता दूषित पानी पीने को मजबूर यह विडंबना नहीं, बल्कि व्यवस्था की गंभीर विफलता है। इस दौरान जमकर हंगामे की स्थिति बनी रही। गौरतलब है कि स्लॉटर हाउस में गोमांस मिलने का मामला लगातार गर्माता जा रहा है। वहीं मामले में अब तक छोटे कर्मचारियों पर ही कार्रवाई हुई है, लेकिन जिम्मेदार महापौर और एमआईसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं यह भी साफ हो रहा है कि एमआईसी मीटिंग से ही स्लॉटर हाउस का प्रस्ताव पास हुआ था। मामले में सख्त कार्यवाही न होने पर विपक्षी दलो सहित हिंदूवादी संगठनो में भी काफी नाराजगी नजर आ रही है। - एफआईआर में यह है कहानी जानकारी के अनुसार जहांगीराबाद थाना प्रभारी मान सिंह चौधरी ने 24 दिसंबर 2025 को एक एफआईआर दर्ज की। इसमें 7 दिन पहले, 17 दिसंबर को कंटेनर नंबर यूपी 15 जेटी 4286 में मांस मिलने का हवाला दिया। 18 दिसंबर को वेटनरी अस्पताल जहांगीराबाद में कंटेनर में भरे 265 क्विंटल (26.5 टन) मांस में से वेटनरी डॉक्टर की टीम ने अलग-अलग 5 डिब्बों में सैंपल लिए। बाकी मांस कंटेनर के ड्राइवर शोएब पिता कमालउद्द्दीन को ही सुपुर्दगी में दे दिया गया। - सैंपल रिर्पाट आने के बाद भड़का आक्रोश असलम चमड़ा और ड्रायवर शोएब पर कसा शिकंजा कंटेनर में मिले मांस के सैंपल को जॉच के लिये पुलिस ने फोरेंसिक लेबोरेटरी मथुरा को भेजे। संदिग्ध मांस के सैंपल की जांच रिपोर्ट भी मिल गई। जिसमें मांस में गोमांस का होना सामने आया। गोमांस की पुष्टि होने के बाद हिंदूवादी संगठनों ने अरेरा हिल्स थाने के सामने प्रदर्शन कर हंगामा किया। इसके बाद पुलिस ने जिंसी स्थित आधुनिक स्लॉटर हाउस का संचालन करने वाली लाइव स्टाक फूड प्रोसेसर प्राइवेट लिमिटेड में पहुंचकर दस्तावेज जब्त किए थे। स्लॉटर हाउस के संचालक असलम चमड़ा कुरैशी का होना पाया गया है। इसके बाद निगम से स्लॉटर हाउस से जुड़ी सारी जानकारी पुलिस ने ली। ड्राइवर शोएब निवासी थाना खरखोदा हुमायूं नगर मेरठ (यूपी) से पूछताछ की गई। जांच के बाद पुलिस ने असलम चमड़ा, ड्राइवर शोएब व अन्य के विरुद्ध मप्र गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004 की धारा 4, 5 और 9, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धार 61 (2) के तहत केस दर्ज किया। बाद में मामला गर्माने पर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने आसंदी से कार्रवाई के निर्देश दिए थे। जिसके बाद वेटनरी डॉक्टर और कुछ कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया था। जुनेद / 9 फरवरी