09-Feb-2026
...


ग्वालियर ( ईएमएस ) । विद्यार्थी जीवन बीते हुये कल की त्रुटियों को स्मरण करने,वर्तमान में उन त्रुटियों को दूर कर अपने भविष्य को सुघड़ बनाने की अनंत सम्भावनाओं से परिपूर्ण होता है और माधव महाविद्यालय में आयोजित स्वबोध से विश्व बोध की ओर जैसे शिविर इन सम्भावनाओं को विकसित करने का,समृद्ध करने का काम बड़े सार्थक रूप में सम्पन करते हैं-यह कथन रविवार को माधव महाविद्यालय के व्यक्तित्व विकास,कौशल विकास एवं चेतना जागरुकता प्रकोष्ठ द्वारा क्रियान्वित पाँच दिवसीय शिविर के समारोप में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित अखिल भारतीय साहित्य परिषद की मध्य भारत प्रान्त इकाई के अध्यक्ष डॉ.कुमार संजीव का है जो उन्होंने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देते हुये कहा। उन्होंने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण के लिये आयोजित शिविर की भूरी-भूरी प्रशंसा भी की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मध्य भारत शिक्षा समिति के सचिव डॉ.राजेन्द्र वैद्य जी ने अपने वक्तव्य में शिक्षा के व्यक्तित्व निर्माण में योगदान के सम्बन्ध में बात रखते हुये कहा कि-शिक्षा का अर्थ है व्यक्ति मानसिक एवं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने। इसी क्रम में उन्होंने कोरोना महामारी के काल में स्टार्टअप,ऑनलाइन शिक्षण पद्धति जैसी अवधारणाओं के विकसित होने के संदर्भ में भी विस्तार चर्चा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये प्रभारी प्राचार्य डॉ.संतोष शर्मा ने कहा कि- सामूहिक रूप से किये जाने वाले सभी आयोजनों का उद्देश्य व्यक्ति के आचरण को आकार देना होता। इस व्यक्तित्व विकास शिविर में सम्मिलित विद्यार्थियों को अपनी चेतना में इस तथ्य को स्थापित करना चाहिये कि अब उन्हें राष्ट्र हितैषी नागरिक बनना है क्योंकि पाँच दिवसीय इस शिविर में उन्हें व्यक्ति से,मनुष्य बनने का और फिर राष्ट्र नागरिक बनने का प्रशिक्षण दिया गया है। विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देने के क्रम में कार्यक्रम में उपस्थित युवा उद्यमी एवं जी.डी.गोयनका विद्यालय की शिक्षक दीक्षा बंसल ने स्टार्टअप इंडिया पर पीपीटी के माध्यम से विद्यार्थियों को लाभकारी जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम के आरंभ में प्रकोष्ठ की संयोजक डॉ. मंदाकिनी शर्मा ने पाँच दिवसीय शिविर का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। शिविर के इस समापन समारोह में विद्यार्थियों द्वारा व्यंजन कोने और प्रदर्शनी के माध्यम से अपने कौशल का प्रदर्शन भी किया गया। पाँच दिनों तक संचालित विभिन्न गतिविधियों एवं अनुशासनात्मक रूप से सर्वोत्तम प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया गया जिसमें बी.ए.तृतीय वर्ष के विद्यार्थी शुभम कुमार जैसवाल को सर्वश्रेष्ठ शिविर बालक का,बी.ए द्वितीय वर्ष की विद्यार्थी अनमेषा तिवारी को सर्वश्रेष्ठ शिविर बालिका एवं जागरूक बालिका का और बीए प्रथम वर्ष के आशु प्रजापति को जागरूक बालक का पुरस्कार प्राप्त हुआ।कार्यक्रम का संचालन डॉ. योजना तिवारी ने,आभार नंदिनी वर्मा ने तथा प्रकोष्ठ का प्रतिनिधत्व प्रेक्षा नाईक ने ने किया। इस अवसर पर शिक्षक प्रतिनिधि डॉ. संजय पांडे, योग प्रशिक्षक गीता उपाध्याय, डॉ.संजय गुप्ता,सविता केलकर सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापक उपस्थित रहे।