वाराणसी (ईएमएस)। धम्मा लर्निंग सेंटर सारनाथ, वाराणसी के विहाराधिपति चँदिमा भंते थेरो नें कहा कि भारत रत्न बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने भारत देश का संविधान बनाने का काम किया था। वह समाज के पिछड़े, वंचित एवं शोषित लोगों के लिए जीवन भर लड़ाई लड़ते रहे और गोलमेज सम्मेलनों में भारत का बड़ी ही मजबूती से पक्ष रखा। चँदिमा भंते नें ये बातें डॉ. नरसिंह राम द्वारा रचित पुस्तक डॉ अंबेडकर का संघर्ष मय जीवन के लोकार्पण के अवसर पर व्यक्त किया। उन्होंने नें कहा कि डॉ. नरसिंह राम ने इस पुस्तक में डॉक्टर अंबेडकर के जन्म से लेकर परिनिर्वाण तक के तमाम जो उनके संघर्ष रहे हैं, उनको बड़ी काबिलियत के साथ पिरोने का काम किया है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बी. एच. यू.के प्रो. डॉक्टर एस. के. भारतीय ने कहा कि बाबा साहब गरीबों के लिए, महिलाओं,असहायों,वंचितों के लिए पानी पीने तक की लड़ाई लड़ी। उन दिनों दलितों क़ो सार्वजनिक स्थलों एवं मंदिरों में उनका प्रवेश वर्जित था, उसकी लड़ाई लड़ाई एवं समानता की लड़ाई जीवन भर लड़ते रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे बी. एच. यू. के कृषि वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र कमलवंशी ने कहा कि डॉक्टर नरसिंह राम की पुस्तक अपने आप में एक बाबा साहब का संपूर्ण ग्रंथ है, जिसमें उनकी शिक्षा से लेकर उनकी विदेशों में पढ़ाई, उनके तमाम संघर्ष,गोलमेज सम्मेलनों तथा अन्य अनेक सन्दर्भ पर विशद वर्णन किया गया है। कार्यक्रम में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के प्रो. चित्रसेन गौतम ने कहा कि डॉ. नरसिंह राम द्वारा लिखी गई पुस्तक जो नई दिल्ली से प्रकाशित हुई है, यह अब तक का बाबा साहब के विषय में लिखा गया एक संपूर्ण ग्रंथ है। इसे डॉ अम्बेडकर की इंसाइक्लोपिडिया कहा जाय तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। इस ग्रंथ को पढ़ने से उनके विषय में संपूर्ण जानकारी प्राप्त हो सकती है। पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक सोमारु प्रधान ने कहा कि इस ग्रंथ में बाबा साहब ने जॉर्ज पंचम के सामने लंदन में भारत की स्वतंत्रता की बात कही थी। जॉर्ज पंचम की आंख में आंख मिलाकर उन्होंने बात कही थी कि जब तक भारत को आप स्वतंत्र नहीं करेंगे, वहां की दशा नहीं सुधरने वाली है। जनपद महाराजगंज के परियोजना निदेशक रामदरश चौधरी ने कहा कि डॉ. नरसिंह राम अपने विषम परिस्थितियों में रहते हुए जो इस ग्रंथ की रचना की है, वह इस नई पीढ़ी के लिए, छात्रों के लिए तथा बाबा साहब पर शोध करने वालों के लिए एक बहुत बड़ा संदर्भ ग्रंथ साबित होगा।कार्यक्रम में विक्रांत भार्गव, आर के प्रसाद, मिथिलेश कुशवाहा, राजकुमार, विपिन यादव, डॉ अजय कुमार, ए. आर निराला, आर ज़े राम इत्यादि नें विचार व्यक्त किया। समस्त आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापन तथा पुस्तक के विषय में विस्तृत विवरण डॉ. नरसिंह राम ने प्रस्तुत किया तथा कहा कि बाबा साहेब के ऊपर लिखना उनका एक स्वप्न था जो दो वर्षो के अथक प्रयास से पुरा हुआ। कार्यक्रम का संचालन आर. के. निगम, स्वागत भाषण अभिलाषा एवं धन्यवाद ज्ञापन सविता अंबेडकर द्वारा किया गया।इस कार्यक्रम में चंद्रबिंदु, श्रीराम आर्या, मंजू चौधरी, अनीता, पूर्व आर.टी.ओ. श्याम नाथ, शिमला प्रधान, वृंदा देवी, प्रमिला,सरोज कुमारी, एस.पी. राम तथा तमाम भंतेगण उपस्थित थे। डॉ नरसिंह राम / 10 फरवरी /2026