* “120 किमी प्रति घंटे की स्पीड ट्रायल सफल; कांडला-मुंद्रा बंदरगाहों से माल ढुलाई तेज, समय और ईंधन की बचत संभव” अहमदाबाद (ईएमएस)| पश्चिम रेलवे के गांधीधाम–आदिपुर रेलखंड के बीच चौहरीकरण तथा आदिपुर स्टेशन पर ‘वाई’ कनेक्टिविटी का कार्य पूर्ण हो गया है। इस रेल खंड का 9 और 10 फरवरी 2026 को रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) पश्चिम सर्कल ई. श्रीनिवास द्वारा संरक्षा निरीक्षण किया गया तथा 10 फरवरी को गांधीधाम से आदिपुर के बीच ट्रेन का 120 किमी प्रति घंटे की गति से स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक किया गया। गांधीधाम–आदिपुर रेलखंड के बीच चौहरीकरण तथा आदिपुर स्टेशन पर ‘वाई’ कनेक्टिविटी का कार्य पूर्ण होने से वर्तमान में जहां 50 से 60 मालगाड़ियों का संचालन इस क्षेत्र से हो रहा है जो बढ़कर 150 तक हो जाएगा तथा ट्रेनें 120 किमी प्रति घंटे (अधिकतम) की गति से चलाई जा सकेगी। गांधीधाम–आदिपुर ब्रॉडगेज रेलखंड कांडला एवं मुंद्रा बंदरगाहों सहित भुज, वायोर और अन्य क्षेत्रों को देश के विभिन्न भागों से जोड़ने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण माल ढुलाई मार्ग है। वर्तमान में यह खंड अत्यधिक व्यस्त रहने से परिचालन पर दबाव बना रहता है, जिसे कम करने के लिए दो अतिरिक्त लाइनों की आवश्यकता थी। इस मार्ग से नमक एवं अन्य माल की भी बड़े पैमाने पर ढुलाई होती है और मुंद्रा बंदरगाह की बढ़ती क्षमता को देखते हुए भविष्य में यातायात और बढ़ने की संभावना है। इस परियोजना से कांडला एवं मुंद्रा बंदरगाहों से जुड़े कंटेनर, पेट्रोलियम, उर्वरक, खाद्यान्न एवं अन्य माल के परिवहन में तेजी आएगी। मालगाड़ियों का टर्नअराउंड समय कम होगा, वैगनों का बेहतर उपयोग संभव होगा तथा लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी, जिससे उद्योगों और व्यापार को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही यह परियोजना कच्छ क्षेत्र के औद्योगिक विकास को गति देने, व्यापार, पर्यटन एवं रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा निवेश के अनुकूल वातावरण बनाने में सहायक सिद्ध होगी। गोपालपुर नए स्टेशन के निर्माण से अहमदाबाद की ओर से आने वाली गाड़ियों को भुज जाने के लिए गांधीधाम में इंजन रिवर्सल की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे लगभग 20-25 मिनट की समय बचत होगी। आदिपुर स्टेशन पर ‘वाई’ कनेक्टिविटी उपलब्ध होने से ट्रेनों को दिशा परिवर्तन नहीं करना पड़ेगा, जिससे समय एवं ईंधन दोनों की बचत होगी और परिचालन सरल बनेगा। गांधीधाम–आदिपुर चौहरीकरण एवं ‘वाई’ कनेक्टिविटी परियोजना क्षेत्रीय विकास और सुदृढ़ रेल अवसंरचना की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो कच्छ क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी। सतीश/10 फरवरी