नई दिल्ली (ईएमएस)। कोर्ट ने कहा कि बीमार बच्चे के लिए मां का स्पर्श दवा जितना ही जरूरी है। धोखाधड़ी के आरोप में जेल में बंद महिला को अपनी 2 साल की बीमार बेटी के लिए 90 दिन की अंतरिम जमानत मिली। दिल्ली हाई कोर्ट ने एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि छोटे बच्चे के स्वास्थ्य का अधिकार सिर्फ दवाई और इलाज तक सीमित नहीं होता बल्कि उसे मां का स्पर्श और साथ भी उतना ही जरूरी होता है। इसी बात को देखते हुए अदालत ने धोखाधड़ी और साजिश के आरोपों में जेल में बंद एक महिला को अंतरिम जमानत दे दी। जस्टिस गिरीश कठपालिया महिला की उस याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें उसने अपनी दो साल की बीमार बेटी की देखभाल के लिए अंतरिम जमानत मांगी थी।