राज्य
11-Feb-2026


डोर-टू-डोर वेस्ट कलेक्शन वाहन को दिखाई हरी झंडी, कहा उज्जैन में बनेगा आयुर्वेदिक का एम्स उज्जैन (ईएमएस)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को उज्जैन के हरियाखेड़ी में 1133.67 करोड़ की लागत से आकार लेने वाली जल आवर्धन परियोजना के लिए वेद मंत्रोच्चार के साथ भूमिपूजन किया। सिंहस्थ 2028 को दृष्टिगत रखते हुए इस परियोजना पर काम किया जा रहा है। यहीं से उन्होंने डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करने वाली 16 गाडिय़ां और पांच अन्य वाहनों को हरी झंड़ी दिखाकर रवाना किया। सीएम ने मंच से उज्जैन में आयुर्वेदिक के एम्स स्थापित करने की घोषणा की। सीएम ने उज्जैन के संदीपनी आश्रम,मंगलनाथ,शनि मंदिर, चिंतामन मंदिर सहित अंगारेश्वर मंदिर में विकास कार्य करने की बात कही। सीएम हरियाखेडी में भूमि पूजन करने के बाद कालिदास अकादमी पहुचे , यहाँ पर उनका भव्य स्वागत किया गया । इस दौरान पूर्व मंत्री पारस जैन,महापौर मुकेश टटवाल, निगम अध्यक्ष कलावती यादव, शिवेंद्र तिवारी, जगदीश पांचाल,उमेश सेंगर,राजेन्द्र भारती, निगम झोन अध्यक्ष के साथ कई पार्षद मोजूद रहे। सीएम ने मंच से उज्जैन में आयुर्वेदिक के एम्स स्थापित करने की घोषणा की , उन्होंने कहा कि जब धन्वन्तरी का संबध उज्जैन है तो एम्स यही पर बनेगा । उन्होंने कहा कि हरियाखेडी योजना के बाद उज्जैन में जल प्रदाय की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा । 17 नई टंकिया भी बनेगी । नागझिरी और निनोरा रेडीमेड गारमेंट में रोजगार प्रबन्धन कर दिए,जो बहने काम करेगी उन्हें 5 हजार रुपए सरकार मिलाकर देगी,कालिदास अकेडमी में शेड बनाया जाएगा । मार्च माह में साईंस कालेज में 1200 लोगो के बेठे की क्षमता वाला गीता भवन का लोकार्पण होगा। उज्जैन से पीथमपुर तक बनने वाला उज्जैन इंदौर रोड का भी भूमि पूजन जल्द होगा। उज्जैन में होगा नया एम्स मुख्यमंत्री डॉ यादव की मंशानुरूप हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना अंतर्गत निर्बाध शुद्ध जल की आपूर्ति के लिए नवीन पाइपलाइन भी डाली जाएगी। साथ ही पुरानी की जगह नवीन पाइप लाइन भी बिछाई जाएगी। हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना के अंतर्गत सेलारखेड़ी, गंभीर, उंडासा एवं साहिबखेड़ी को मुख्य जल स्रोत के रूप में उपयोग किया जाएगा, जिससे सिंहस्थ के दौरान और उसके बाद भी निर्बाध जल आपूर्ति बनी रहे। इसे 24 माह में चरणबद्ध रूप से पूर्ण किया जाएगा। हरियाखेड़ी एवं गंभीर पर 2 नए इंटेक वेल बनेंगे हरियाखेड़ी एवं गंभीर पर 2 नए इंटेक वेल का निर्माण किया जा रहा है। अंबोदिया (70 एमएलडी), गौघाट (80 एमएलडी) एवं हरियाखेड़ी (100 एमएलडी) में नए जल शोधन संयंत्रों का निर्माण होगा। जिनकी क्षमता 250 एमएलडी होगी। उक्त जल शोधन यंत्री से मौजूदा 7 जल शोधन संयंत्रों (कुल 151 एमएलडी क्षमता) को मजबूत एवं उन्नत किया जाएगा। 17 नए ओवरहेड टैंक बनाए जाएंगे परियोजना अंतर्गत 600 से 3000 किलो लीटर क्षमता के 17 नए ओवरहेड टैंक बनाए जाएंगे। योजना अंतर्गत 708 किमी पाइप लाइन रहेगी। जिसमें लगभग 534 किलोमीटर लंबा नया वितरण नेटवर्क विकसित किया जाएगा और पुरानी एसीपी पाइपलाइन भी बदली जाएगी। 49,087 नए घरेलू कनेक्शन दिए जाएंगे शुद्ध पानी के लिए 150 से 800 मिमी व्यास की क्लियर वॉटर पाइपलाइन (लगभग 136 किलोमीटर) बिछाई जाएगी। पानी के लिए 900 से 1300 मिमी व्यास की रॉ वॉटर पाइपलाइन (लगभग 39.75 किलोमीटर) का निर्माण किया जाएगा। योजना में 20 गांव भी शामिल सिंहस्थ 2028 के दौरान उज्जैन शहर की प्रभावी जनसंख्या लगभग 9.65 लाख तथा मेला क्षेत्र की अस्थायी जनसंख्या लगभग 21.83 लाख अनुमानित है। दिव्य राजसी स्नान के दिनों में एक ही दिन में लगभग 228 लाख श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है। उज्जैन के निकट बसे लगभग 20 ग्रामों को भी योजना में शामिल किया गया है। ये ग्राम नगरीय विस्तार क्षेत्र में स्थित होने के कारण भविष्य में जल मांग में महत्वपूर्ण योगदान करेंगे। उक्त परियोजना सिंहस्थ 2028 के बाद उज्जैन शहर की वर्ष 2055 तक की जल आपूर्ति जरूरतों को पूर्ण करने में सक्षम होगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ यादव ने पौधारोपण भी किया। विनोद उपाध्याय / 11 फरवरी, 2026