अंतर्राष्ट्रीय
11-Feb-2026


ढाका (ईएमएस)। बांग्लादेश के लोग गुरुवार को नई सरकार चुनने के लिए मतदान करने वाले हैं। इस मतदान के लिए छोटे से बांग्लादेश में 9 लाख सुरक्षाकर्मी लगाए गए हैं। बांग्लादेश में कथित क्रांति की बयार जुलाई/अगस्त 2024 में आई। अब 18 महीने बाद गुरुवार 12 फरवरी को बांग्लादेश नया नेतृत्व चुनने के लिए तैयार है। भारत के पड़ोसी देश के इतिहास में ये मोड है जिससे बांग्लादेश का भविष्य तय होगा। ये चुनाव तय करेगा कि ढाका का शासन उदारवादी लोकतांत्रिक शक्तियों के हाथ में होगा अथवा यहां भी कट्टरपंथी ताकतें कब्जा जमाएगी। गौरतलब है कि बांग्लादेश में अप्रैल 2024 में ही चुनाव हुए थे। अब ये देश 2 वर्ष से भी कम समय के अंतराल में एक बार फिर नई सरकार की बाट जोह रहा है। पिछले 18 महीने बांग्लादेश के लिए आसान नहीं रहे हैं। इन 18 महीनों में बांग्लादेश हिन्दुओं पर हिंसा, आगजनी, लूटपाट और अव्यवस्था का शिकार होता रहा। अगस्त 2024 में छात्रों की अगुआई में हुई क्रांति ने शेख हसीना की 15 साल पुरानी सरकार को उखाड़ फेंका। सरकार का पतन होते ही हसीना भारत भाग गईं। इस दौरान बांग्लादेश में हिंसा में 1,400 से ज्यादा मौतें हुईं। इस बीच बांग्लादेश में नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार बनी। बांग्लादेश की विपक्षी पार्टियों ने इसे दूसरी आजादी करार दिया। लेकिन 18 महीने बाद फरवरी 2026 में स्थिति जटिल है। राजनीतिक हिंसा, मॉब लिंचिंग, धार्मिक कट्टरता का उभार बांग्लादेश को ऐसे मोड पर ले आया है जहां इस देश का भविष्य का अंधकार में दिखता है। बांग्लादेश की हिंसा ने वहां के हिन्दुओं को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से करारी चोट पहुंचाई है। इलेक्शन कमीशन ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं। शांतिपूर्वक चुनाव कराने के लिए करीब 10 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। जो देश के चुनावी इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा इंतज़ाम है। 13वें पार्लियामेंट्री चुनाव एक मुश्किल 84-पॉइंट रिफॉर्म पैकेज पर रेफरेंडम के साथ-साथ हो रहे हैं। इस चुनाव में मुकाबला मुख्य रूप से बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और उसकी कभी की साथी रही जमात-ए-इस्लामी के बीच है। बांग्लादेश के 299 संसदीय क्षेत्रों में एक साथ गुरुवार सुबह 7:30 बजे से वोटिंग शुरू होगी और शाम 4:30 बजे तक चलेगी। एक उम्मीदवार की मौत की वजह से एक क्षेत्र में वोटिंग कैंसिल कर दी गई है। मतदान खत्म होते ही वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी। चुनाव में 50 राजनीतिक पार्टियों के कुल 1,755 उम्मीदवार और 273 निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।बीएनपी ने सबसे ज़्यादा 291 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। 83 महिला उम्मीदवार मैदान में हैं। इस चुनाव में बांग्लादेश के लगभग 12।7 करोड़ मतदाता वोट डालेंगे। यहां मतदान बैलट पेपर से किए जाएंगे। जबकि बांग्लादेश की आबादी 17 करोड़ है। चुनाव की निगरानी करने के लिए 500 विदेशी पर्यवेक्षक बांग्लादेश आ रहे हैं। बांग्लादेश के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस बहारुल आलम ने कहा कि देश भर के लगभग 43,000 पोलिंग सेंटर में से 24,000 पोलिंग सेंटर हाई या मॉडरेट रिस्क वाले इलेक्शन सेंटर हैं। सुबोध/११-०२-२०२६