:: तीन दिवसीय अध्ययन दौरा शुरू; इंदौर के स्वच्छता मॉडल की भी देंगे प्रस्तुति :: इंदौर/विशाखापट्टनम (ईएमएस)। स्वच्छता में सात बार देश का सिरमौर रहने वाले इंदौर के 22 पार्षदों का एक दल बुधवार सुबह विशाखापट्टनम पहुंचा। यह दल तीन दिवसीय अध्ययन दौरे के दौरान विशाखापट्टनम में संचालित स्वच्छता परियोजनाओं, अपशिष्ट प्रबंधन और नगर निगम द्वारा किए जा रहे नवाचारों का सूक्ष्म अवलोकन करेगा। विशाखापट्टनम पहुंचने पर वहां के नगर निगम के अपर आयुक्त और वरिष्ठ अधिकारियों ने इंदौर के जनप्रतिनिधियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य दोनों शहरों के बीच स्वच्छता की सर्वोत्तम पद्धतियों का साझा करना है। दौरे के पहले दिन पार्षदों ने विशाखापट्टनम नगरीय निकाय के अधिकारियों के समक्ष इंदौर के सक्सेस मॉडल और वर्तमान में चल रहे अभियानों की विस्तृत प्रस्तुति दी। अधिकारियों ने इंदौर के जन-भागीदारी मॉडल और जीरो वेस्ट कचरा प्रबंधन की तकनीक में गहरी रुचि दिखाई। तीन दिवसीय शैक्षणिक कार्यक्रम के अंतर्गत पार्षद दल विशाखापट्टनम के विभिन्न ट्रीटमेंट प्लांट्स, मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी और सौंदर्यीकरण परियोजनाओं का निरीक्षण करेगा। पार्षद यह समझने का प्रयास करेंगे कि विशाखापट्टनम ने स्वच्छता के मानकों को बेहतर बनाने के लिए किन तकनीकी और सामाजिक नवाचारों का सहारा लिया है। इन जानकारियों का उपयोग भविष्य में इंदौर की स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए किया जाएगा। पार्षद दल ने इस शैक्षणिक और व्यावहारिक भ्रमण के आयोजन के लिए इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव के प्रति आभार व्यक्त किया। पार्षदों का मानना है कि इस प्रकार के अध्ययन दौरों से अन्य शहरों की कार्यप्रणाली को समझने और नई तकनीक को अपने शहर में लागू करने में मदद मिलती है। दल में शामिल पार्षदों ने कहा कि विशाखापट्टनम की तटीय स्वच्छता व्यवस्था और कचरा प्रबंधन के गुर इंदौर के लिए उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं। प्रकाश / 11 जनवरी 2026