-चीन में प्रति 10 लाख पर 300, अमेरिका में 150, यूरोपीय देशों में 220 जज हैं नई दिल्ली,(ईएमएस)। देश में जिला अदालतों में प्रति दस लाख जनसंख्या पर महज 22 जज हैं, जबकि विधि आयोग और संविधान पीठ के फैसले के मुताबिक 2007 तक ही 50 जज होने चाहिए थे। इतना ही नहीं, बिहार, यूपी, झारखंड और पश्चिम बंगाल में जज और जनसंख्या का अनुपात राष्ट्रीय औसत 22 से भी कम है। यह स्थिति 2011 के जनगणना के आंकड़ों के हिसाब से है, जबकि देश की मौजूदा जनसंख्या के हिसाब यह औसत काफी कम है। इसका खुलासा, केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय के आंकड़ों के विश्लेषण से हुआ। मीडिया रिपोर्ट में केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक देशभर की जिला अदालतों के लिए जज की स्वीकृत संख्या 25,439 है और इनमें से करीब 5 हजार पद रिक्त हैं। कानून मंत्रालय ने 2011 के जनगणना के आंकड़ों और देश में मौजूदा समय में जज की स्वीकृत क्षमता के हिसाब से जिला अदालतों में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर करीब 22 जज हैं। 2011 में देश की जनसंख्या करीब 121 करोड़ थी, जबकि अब 140 करोड़ से ज्यादा का दावा किया जा रहा है। विधि आयोग ने 1987 में अपनी 120वीं रिपोर्ट में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर जज की संख्या 50 करने की सिफारिश की थी ताकि अदालतों में मुकदमों के बोझ बढ़ने के बजाए लोगों को त्वरित न्याय मिले। सुप्रीम कोर्ट ने 2002 में ऑल इंडिया जज एसोसिएशन बनाम भारत सरकार के मामले में पारित फैसले में विधि आयोग की सिफारिश के मुताबिक सरकार को 2007 तक देश में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर 50 जज नियुक्त करने को कहा था। जनसंख्या और जज के अनुपात के मामले में चीन, अमेरिका और यूरोपीय देशों से भारत काफी पीछे है। एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन में जहां प्रति 10 लाख जनसंख्या पर 300 जज हैं, वहीं अमेरिका में 150 जज हैं। जबकि यूरोपीय देशों में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर 220 जज हैं। कानून मंत्रालय ने मुताबिक सुप्रीम कोर्ट में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर जज की संख्या 0.028 है, जबकि हाईकोर्ट में 0.92 है। सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत क्षमता 34 है और फिलहाल 33 जज कार्यरत हैं, जबकि हाईकोर्ट में जजों की स्वीकृत क्षमता 1122 है और करीब 300 पद खाली हैं। प्रमुख राज्यों में प्रति 10 लाख जनसंख्या जजों की संख्या बिहार - 19.45 उत्तर प्रदेश - 18.52 झारखंड - 21.43 उत्तराखंड - 29.55 दिल्ली - 53.43 पश्चिम बंगाल - 12.05 मध्य प्रदेश - 27.92 गुजरात - 28.46 असम - 15.54 मिजोरम - 67.44 सिराज/ईएमएस 12 फरवरी 2026