नई दिल्ली,(ईएमएस)। भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग को नई मजबूती देते हुए दोनों देशों की स्पेशल फोर्स हिमाचल प्रदेश में संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘वज्र प्रहार’ में हिस्सा लेंगी। यह अभ्यास 23 फरवरी से 16 मार्च तक हिमाचल प्रदेश के बकलोह में आयोजित किया जाएगा। अभ्यास के दौरान आतंकवाद विरोधी ऑप्रेशंस पर विशेष फोकस किया जाएगा। गौरतलब है कि भारत-अमेरिका संबंधों में व्यापारिक मोर्चे पर भले ही समय-समय पर उतार-चढ़ाव देखने को मिले हों, लेकिन रक्षा कूटनीति के क्षेत्र में दोनों देशों के रिश्ते लगातार मजबूत बने हुए हैं। ‘वज्र प्रहार’ इसी सहयोग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस अभ्यास की शुरुआत वर्ष 2010 में हुई थी और तब से इसे बारी-बारी से भारत और अमेरिका में आयोजित किया जाता रहा है। ‘वज्र प्रहार’ एक विशेष सैन्य अभ्यास है, जिसमें दोनों देशों की एलीट स्पेशल फोर्सेज के कमांडो हिस्सा लेते हैं। इसका उद्देश्य संयुक्त अभियानों में समन्वय बढ़ाना, परिचालन अनुभव साझा करना और आधुनिक युद्ध तकनीकों की समझ को मजबूत करना है। अभ्यास के दौरान संयुक्त मिशन योजना, ऑपरेशनल टैक्टिक्स और विशेष अभियानों में इस्तेमाल होने वाली उन्नत तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया जाता है। पिछले संस्करणों में दोनों देशों की विशेष बलों ने आतंकवाद विरोधी अभियानों का संयुक्त अभ्यास किया था। इसमें एयरबोर्न ऑपरेशंस, पैरा-ड्रॉप, दुर्गम पहाड़ी इलाकों में युद्धाभ्यास, लंबी दूरी से सटीक निशानेबाजी, जलमार्ग से घुसपैठ और रेस्क्यू ऑपरेशन जैसे परिदृश्यों को शामिल किया गया था। पारंपरिक और गैर-पारंपरिक दोनों प्रकार के युद्ध परिदृश्यों का सिमुलेशन कर कमांडो को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में तालमेल के साथ कार्रवाई के लिए तैयार किया जाता है। बकलोह को स्पेशल फोर्सेज प्रशिक्षण के लिए महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। यहां कठिन और पहाड़ी भूभाग में ऑपरेशन की विशेष ट्रेनिंग दी जाती है, जो वास्तविक परिस्थितियों से मेल खाती है। रक्षा सूत्रों के अनुसार, ‘वज्र प्रहार’ जैसे अभ्यास केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं हैं, बल्कि बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में संयुक्त तैयारी का हिस्सा हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के संयुक्त अभ्यास न केवल सामरिक क्षमता को बढ़ाते हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच भरोसे और इंटरऑपरेबिलिटी को भी सुदृढ़ करते हैं, जो भविष्य के किसी भी संयुक्त मिशन में अहम भूमिका निभा सकते हैं। हिदायत/ईएमएस 12 फरवरी 2026