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12-Feb-2026
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नई दिल्ली(ईएमएस)। केंद्रीय श्रमिक संगठनों ने विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार को देशव्यापी आम हड़ताल का आह्वान करते हुए भारत बंद का ऐलान किया है। इसका असर आज देश के कई राज्यों में दिखाई दिया है। जरुरी सेवाओं को छोड़कर, राज्यों में दुकानें, बाजार और ट्रांसपोर्टेशन की सुविधाएं बाधित हुई हैं। कहीं कहीं मामूली झड़पें होने की भी खबरें हैं। इसका प्रभाव मध्य प्रदेश में भी देखने को मिलेगा। प्रदेश में सरकारी और निजी बैंक, बीएसएनएल, बीमा तथा डाक विभाग सहित कई केंद्रीय कार्यालयों की सेवाओं पर भी असर हुआ हैं। हालांकि रेलवे सेवाएं सामान्य है। आईएनटीयूसी, एआईटीयूसी, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, सेवा सहित बैंक, बीमा, केंद्रीय कर्मचारी और बीएसएनएल से जुड़े संगठनों ने हड़ताल को समर्थन दिया है। इस भारत बंद का असर सर्वाधिक गैर भाजपा शासित राज्यों में देखा गया है जबकि भाजपा शासित राज्यों में मिलाजुला असर रहा है। पंजाब: परिवहन सेवा ठप हड़ताल का केंद्र होने के कारण पंजाब में सरकारी परिवहन सेवा पूरी तरह ठप है। फरीदकोट, लुधियाना, पटियाला और अमृतसर जैसे प्रमुख शहरों में बस अड्डों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। निजीकरण के विरोध में और मुख्यमंत्री आवास के घेराव की चेतावनी के बीच पुलिस बल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। यात्रियों को निजी वाहनों और टैक्सियों का सहारा लेना पड़ रहा है, जो मनमाना किराया वसूल रहे हैं। हरियाणा और राजस्थान: अंतरराज्यीय सेवाओं में बाधा पंजाब से सटे हरियाणा और राजस्थान के इलाकों में भी इसका असर दिखाई दे रहा है। पंजाब रोडवेज की बसें सीमा पार नहीं कर रही हैं, जिससे दिल्ली-अमृतसर और दिल्ली-बठिंडा रूट प्रभावित हुए हैं। हरियाणा रोडवेज ने सावधानी बरतते हुए कुछ संवेदनशील रूटों पर अपनी सेवाओं को सीमित कर दिया है। दिल्ली और एनसीआर: बॉर्डर पर सुरक्षा सख्त दिल्ली के गाजीपुर और सिंघु बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। चूँकि प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने की योजना बना रहे हैं, इसलिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में यातायात की गति धीमी हो गई है। दिल्ली आने-जाने वाली सरकारी अंतरराज्यीय बसों की संख्या में भारी कमी दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश और बिहार में असर उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों में हड़ताल का आंशिक असर है। हालांकि यहाँ स्थानीय परिवहन चालू है। सरकारी बसों के न चलने से सबसे ज्यादा परेशानी छात्रों, दैनिक यात्रियों और उन लोगों को हो रही है जो इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर जा रहे हैं। रेलवे स्टेशनों पर भीड़ अचानक बढ़ गई है क्योंकि बस सेवा का विकल्प न मिलने पर लोग ट्रेनों की ओर रुख कर रहे हैं। वहीं पटना में भी लेफ्ट संगठन और मजदूर संगठनों के द्वारा हड़ताल को प्रभावी बनाने के लिए जुलूस और प्रदर्शन किया गया। बंगला चौराहे पर सैकड़ो की संख्या में पहुंचे लेफ्ट नेताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सरकार के द्वारा जो मजदूर विरोधी कानून लाया गया है इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। कर्नाटक: ऑटो, टैक्सी ड्राइवरों ने किया समर्थन कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में भी हड़ताल का असर दिख रहा है। बेंगलुरु में ऑटो, टैक्सी और ट्रांसपोर्ट ड्राइवरों ने ‘भारत बंद’ को समर्थन दिया है। ऑटो ड्राइवर सुबह 10 बजे से ही टाउन हॉल के पास एक विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए हैं। हालांकि, ऑटो एसोसिएशन ने कहा है कि ऑटोरिक्शा सर्विस हमेशा की तरह चलती रहेंगी। केरल सरकार ने कर्मियों को चेताया केरल सरकार ने भारत बंद में शामिल होने से पहले ही अपने कर्मियों को चेता दिया है। एलडीएफ वाली केरल सराकर ने अपने कर्मचारियों को बंद में शामिल होने से रोक दिया है। सरकार ने कहा कि अगर कर्मचारी शामिल होते हैं तो उन्हें पैसा नहीं मिलेगा। नो वर्क नो पे का नियम चलेगा। राहुल बोले- क्या मोदी जी अब सुनेंगे? ट्रेड यूनियनों के भारत बंद पर सांसद राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा है कि आज देशभर में लाखों मजदूर और किसान अपने हक़ की आवाज़ बुलंद करने सड़कों पर हैं। मजदूरों को डर है कि चार श्रम संहिताएं उनके अधिकारों को कमजोर कर देंगी। किसानों को आशंका है कि व्यापार समझौता उनकी आजीविका पर चोट करेगा। और मनरेगा को कमजोर या खत्म करने से गांवों का आख़िरी सहारा भी छिन सकता है। जब उनके भविष्य से जुड़े फैसले लिए गए, उनकी आवाज़ को नज़रअंदाज़ किया गया। क्या मोदीजी अब सुनेंगे? या उन पर किसी ग्रिप की पकड़ बहुत मज़बूत है? मैं मजदूरों और किसानों के मुद्दों और उनके संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ा हूँ। वीरेंद्र/ईएमएस/12फरवरी2026