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14-Feb-2026
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लखनऊ,(ईएमएस)। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल शाब्दिक हिंसा और पाप है। अखिलेश यादव ने पोस्ट में लिखा कि किसी भी व्यक्ति की वाणी की गरिमा बनाए रखना चाहिए, और शंकराचार्य पर अभद्र टिप्पणी करना गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि चापलूसी करने वालों को भी पाप लगेगा। अखिलेश ने मुख्यमंत्री योगी के बयान का आलोचनात्मक विश्लेषण करते हुए कहा कि जो लोग महाकुंभ में हुई मौतों के वास्तविक आंकड़े नहीं बताते, मुआवजा में भ्रष्टाचार करते हैं और मुकदमे हटा लेते हैं, उनके पास किसी अन्य के धर्म या पद पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा, जब इंसान नहीं, अहंकार बोलता है तो यही होता है, और यह अहंकार समाज में मान-सम्मान खोने का कारण बनता है। सपा नेता ने कहा कि भाजपा सरकार ने हमेशा नफरत की राजनीति की है और धर्म के मामलों में भी लोगों का अपमान किया है। उन्होंने सुझाव दिया कि विवादित फिल्म को बिना नाम बदले ही कर मुक्त किया जा सकता है। अखिलेश यादव ने चेतावनी दी कि अगले चुनाव में जनता अपने अपमान का जवाब वोट के जरिए देगी। दरअसल मुख्यमंत्री योगी ने विधानसभा में कहा था कि हर कोई शंकराचार्य की उपाधि का उपयोग नहीं कर सकता और सभी कार्यक्रमों में धार्मिक मर्यादा और कानून का पालन अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी को अपने नाम के आगे शंकराचार्य नहीं लिखने का अधिकार है और माहौल खराब नहीं किया जा सकता। इस विवाद ने उत्तर प्रदेश में धार्मिक और राजनीतिक संवेदनाओं को छू लिया है। अखिलेश यादव के अनुसार, शंकराचार्य पर दिया गया अभद्र बयान सदन में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है और इस निंदनीय माना जाना चाहिए। प्रयागराज में माघ मेले के दौरान जिला प्रशासन और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बीच हुए विवाद के लगभग एक महीने बाद, मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हर कोई शंकराचार्य उपाधि का इस्तेमाल नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि सभी आयोजनों में धार्मिक मर्यादा और कानून का पालन होना चाहिए। योगी ने कहा, हर कोई अपने नाम के आगे शंकराचार्य नहीं लिख सकता। हर कोई किसी पीठ का आचार्य होने का दावा नहीं कर सकता और माहौल खराब नहीं कर सकता। सभी को कुछ हद में रहना पड़ता है। आशीष दुबे / 14 फरवरी 2026