:: स्वच्छता में नौवीं बार इंदौर को नंबर-1 बनाने और नो फूड वेस्ट की ली शपथ; 4 नवयुगल परिणय सूत्र में बंधे :: इंदौर (ईएमएस)। बायपास स्थित अग्रसेन महासभा भवन शनिवार को एक अनूठे और आदर्श विवाह समारोह का साक्षी बना। गोधूलि बेला में शहनाई की गूंज और ढोल-नगाड़ों के बीच 4 नवयुगलों ने सात जन्मों के साथ का वचन तो लिया ही, साथ ही आठवां फेरा लेकर सामाजिक उत्तरदायित्व की नई मिसाल पेश की। नवयुगलों ने संकल्प लिया कि वे अपने शहर को स्वच्छता में नौवीं बार अव्वल बनाने में योगदान देंगे और जीवन में कभी किसी भोज में जूठन नहीं छोड़ेंगे। समाजसेवी विनोद अग्रवाल, प्रेमचंद गोयल और टीकमचंद गर्ग जैसे विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में नवयुगलों को गृहस्थी के उपहारों और आशीर्वाद के साथ विदा किया गया। :: ट्रैफिक को दिए बिना व्यवधान निकली बारात :: महासभा के 35वें आयोजन की विशेषता इसकी सुव्यवस्थित प्रबंधन शैली रही। इस्कॉन मंदिर से शुरू हुई शोभायात्रा में दूल्हे घोड़ियों पर और दुल्हनें सजी-धजी बग्घियों में सवार थीं। बैंड-बाजों के साथ बारात तो निकली, लेकिन आयोजकों ने सुनिश्चित किया कि इससे शहर का यातायात कतई बाधित न हो। महाराजा अग्रसेन के चित्र के साथ निकली इस भव्य यात्रा का महासभा भवन पहुंचने पर पुष्पवर्षा से स्वागत हुआ। महासभा के अध्यक्ष कैलाश नारायण बंसल और प्रमुख संयोजक राजेश जिंदल ने बताया कि अब तक 550 से अधिक युगलों का विवाह इस मंच से संपन्न हो चुका है। :: सादे विवाह और संस्कारों पर जोर :: विवाह समारोह में सादगी और संस्कार का अद्भुत संगम दिखा। भोजन में अधिकतम 21 व्यंजनों की सीमा का पालन किया गया, जो फिजूलखर्ची रोकने का कड़ा संदेश था। प्रचार संयोजक अजय आलूवाले एवं सीए एसएन गोयल ने बताया कि प्रत्येक युगल के लिए पृथक तोरण द्वार, लग्नवेदी और मंडप की व्यवस्था की गई थी। :: विशिष्ट मेहमानों ने दिया स्नेह-आशीर्वाद :: आशीर्वाद समारोह में राजेश गर्ग केटी, विष्णु बिंदल और प्रकाश दीपचंद सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने नवयुगलों को सुखद दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं। प्रमुख संयोजक राजेश जिंदल के अनुसार, वर-वधू पक्ष के लिए ठहरने से लेकर भोजन तक की वीआईपी व्यवस्था की गई थी। समारोह के अंत में जब विदाई की बेला आई, तो ढेरों उपहारों के साथ सजल आंखों से बेटियों को विदा किया गया। अग्रवाल समाज की विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों ने इस आयोजन को समाज के लिए एक प्रेरणादायक अनुकरण बताया। प्रकाश / 14 फरवरी २०२६ संलग्न चित्र - अग्रसेन महासभा द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह में शामिल युगलों के चल समारोह के दृश्य।