:: फील्ड स्टाफ से लेकर अधिकारियों तक को मिला प्रशिक्षण; सेग्रीगेशन और वेस्ट मैनेजमेंट नियमों पर दिया विशेष जोर :: इंदौर (ईएमएस)। स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के आगामी पड़ाव को देखते हुए इंदौर नगर निगम ने अपनी कमर कस ली है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव एवं निगमायुक्त क्षितिज सिंघल के निर्देशानुसार, निगम द्वारा एक सप्ताह का व्यापक क्षमता-विकास प्रशिक्षण अभियान सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य निगम के जमीनी अमले और तकनीकी स्टाफ को नई गाइडलाइंस के अनुसार प्रशिक्षित करना है। 10 से 13 फरवरी तक आयोजित इस सघन प्रशिक्षण सत्र में प्रशासनिक, तकनीकी और फील्ड स्टाफ को आधुनिक स्वच्छता मानकों की जानकारी दी गई। निगम के विशेषज्ञों ने स्रोत पर कचरा पृथक्करण, डोर-टू-डोर कलेक्शन की सूक्ष्म निगरानी और स्वच्छता मित्रों की सुरक्षा हेतु PPE किट के अनिवार्य उपयोग पर विशेष प्रशिक्षण दिया। :: नियमों के कड़े पालन पर केंद्रित रहा प्रशिक्षण :: अभियान के दौरान ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 एवं प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के विभिन्न प्रावधानों को बारीकी से समझाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन नियमों का जमीनी स्तर पर अक्षरशः पालन ही इंदौर को सर्वे में बढ़त दिलाएगा। प्रशिक्षण में सीवर सुरक्षा (Sewer Safety), सार्वजनिक शौचालयों के उच्च स्तरीय प्रबंधन और नागरिक सहभागिता को बढ़ाने के व्यावहारिक तरीके भी साझा किए गए। :: देपालपुर परिषद के साथ साझा किया अनुभव :: अभियान के अंतिम चरण में 14 फरवरी को देपालपुर नगर परिषद के साथ एक संयुक्त प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इसमें इंदौर नगर निगम ने अपने उत्कृष्ट मॉडल और कार्यप्रणाली को साझा किया। निगम प्रशासन ने घोषणा की है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण सत्र नियमित अंतराल पर जारी रहेंगे, ताकि स्वच्छता की कार्यक्षमता में निरंतरता बनी रहे और इंदौर आगामी सर्वेक्षण में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन सुनिश्चित कर सके। प्रकाश / 14 फरवरी 2026