वॉशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिकी सेना ने सीरिया में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज करते हुए कई बड़े हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी केंद्रीय कमान द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह सैन्य कार्रवाई दिसंबर में हुए उस घातक आतंकी हमले का जवाब है, जिसमें दो अमेरिकी सैनिकों और एक नागरिक अनुवादक (ट्रांसलेटर) की जान चली गई थी। 13 दिसंबर को हुए उस हमले में सार्जेंट एडगर ब्रायन टोरेस-टोवर, सार्जेंट विलियम नथानिएल हॉवर्ड और नागरिक अनुवादक अयाद मंसूर सकात शहीद हुए थे।ताजा सैन्य कार्रवाई के तहत अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने 3 फरवरी से गुरुवार के बीच इस्लामिक स्टेट के 30 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया। इन 10 प्रमुख हवाई हमलों में आतंकियों के हथियारों के गोदाम, प्रशिक्षण केंद्र और अन्य रणनीतिक सुविधाओं को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है। केंद्रीय कमान के आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर के हमले के बाद से अब तक अमेरिका ने इस्लामिक स्टेट के कम से कम 50 आतंकियों को या तो मार गिराया है या उन्हें हिरासत में लिया है। इस दौरान आतंकियों के 100 से अधिक ठिकानों पर बमबारी की गई है। दूसरी ओर, सीरियाई रक्षा मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में बताया कि सरकारी सुरक्षा बलों ने देश के पूर्वी हिस्से में स्थित एक प्रमुख सैन्य अड्डे पर नियंत्रण कर लिया है। बताया जा रहा है कि इस अड्डे का इस्तेमाल अमेरिकी सैनिक इस्लामिक स्टेट के खिलाफ अपनी गतिविधियों के संचालन के लिए कर रहे थे। गौरतलब है कि साल 2014 में जब इस्लामिक स्टेट ने सीरिया और इराक के एक बड़े भू-भाग पर अपनी खिलाफत की घोषणा की थी, तब अल-तनफ जैसे अड्डों ने इस आतंकी संगठन को पीछे धकेलने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वर्तमान सैन्य कार्रवाई क्षेत्र में आईएस के बचे हुए नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त करने के उद्देश्य से की जा रही है। वीरेंद्र/ईएमएस/15फरवरी2026