-रहमान 17 फरवरी को लेंगे शपथ कोलकाता,(ईएमएस)। बांग्लादेश की राजनीति में बड़े बदलाव के तौर पर तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने 13वें संसदीय चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। पार्टी को दो-तिहाई बहुमत मिलने के बाद तारिक रहमान 17 फरवरी को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। उनके शपथ ग्रहण समारोह के लिए विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों को निमंत्रण भेजे जा रहे हैं। इसी बीच पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने भाई रहमान को वधाई देने के साथ ही फूलों का गुलदस्ता और मिठाइयां भेजकर अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। तारिक रहमान को मिली शानदार जीत के बाद पड़ोसी भारत समेत अनेक देशों ने उन्हें बधाई प्रेषित की है। यहां पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तारिक रहमान को फूलों का गुलदस्ता और मिठाइयाँ भेजकर अपनी शुभकामनाएँ दी हैं। बीएनपी चेयरमैन के राजनीतिक कार्यालय की ओर से जारी बयान में बताया गया, कि शनिवार को गुलशन स्थित कार्यालय में बीएनपी मीडिया सेल सदस्य अतिउर रहमान रुमन ने सीएम ममता बनर्जी की ओर से भेजे गए उपहार को प्राप्त किया। इससे एक दिन पहले ही ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर तारिक रहमान को ‘तारिक भाई’ संबोधित करते हुए चुनावी जीत की बधाई दी थी। उन्होंने अपने संदेश में बांग्लादेश की जनता को शुभकामनाएँ देते हुए अग्रिम रमजान की मुबारकबाद भी दी। ममता बनर्जी ने लिखा कि यह जीत लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत है और इससे क्षेत्रीय सहयोग को नई दिशा मिलेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ममता बनर्जी का यह कदम केवल औपचारिक बधाई नहीं, बल्कि भारत और बांग्लादेश के बीच सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और भौगोलिक रिश्तों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के बीच लंबे समय से सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव रहा है, ऐसे में यह पहल द्विपक्षीय संबंधों में नई गर्माहट ला सकती है। गौरतलब है कि तारिक रहमान दिसंबर 2025 में 17 वर्षों के निर्वासन के बाद लंदन से स्वदेश लौटे थे। उनकी वापसी और अब चुनावी विजय को उनके राजनीतिक जीवन का बड़ा उलटफेर माना जा रहा है। चुनाव परिणामों के बाद अंतरिम सरकार के प्रमुख और नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस समेत कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने भी उन्हें बधाई दी है। अब सबकी नजरें 17 फरवरी को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं, जिसे बांग्लादेश की राजनीति में नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। हिदायत/ईएमएस 15फरवरी26