राज्य
16-Feb-2026


- दक्षिण कोरिया उज्जैन में खड़ी करेगा 2030 करोड़ की कंपनी भोपाल (ईएमएस)। आमतौर पर अनुपयोगी माने वाले खेतों और जंगल के कचरे से अब ऑर्गेनिक प्लास्टिक तैयार हो सकेगा। इसे लेकर दक्षिण कोरिया में किए गए 14 साल के लंबे रिसर्च के बाद वैज्ञानिकों ने बायोमास पॉलीमर के रूप में एक ऐसा प्रोडक्ट तैयार कर लिया है। जो जल्द ही देश और दुनिया में प्लास्टिक का सुरक्षित और पर्यावरण आधारित विकल्प बनेगा। मध्य प्रदेश में इसे बड़े पैमाने पर तैयार करने के लिए दक्षिण कोरिया की कंपनी ईसीडीएस 2030 करोड़ के निवेश के साथ भारत में अपनी पहली यूनिट स्थापित करने जा रही है। जहां 2027 से बिल्कुल प्लास्टिक की तरह दिखने वाले बायोमास पॉलीमर से तैयार तरह-तरह के घरेलू सामान का निर्माण शुरू हो जाएगा। 400 मिलियन टन प्लास्टिक का उत्पादन दुनिया भर में प्लास्टिक प्रदूषण सबसे बड़ी पर्यावरणीय और स्वास्थ्य आधारित समस्या बन चुका है। हालांकि इसके बावजूद हर साल दुनिया भर में 400 मिलियन टन से ज्यादा प्लास्टिक का उत्पादन हो रहा है। इसमें भी आधे सामान का उपयोग सिंगल उसे के हिसाब से होता है। नतीजतन 2000 कचरा ट्रक के बराबर प्लास्टिक प्रतिदिन महानगरों नदियों और झीलों में डाला जा रहा है, जो समुद्र में पहुंचकर समुद्री जीवन को भी नष्ट कर रहा है। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि प्लास्टिक को पूरी तरह नष्ट होने में 500 से 1000 साल तक लग सकते हैं, क्योंकि इसका पर्यावरण आधारित विघटन नहीं हो पाता। इन हालातों में दुनिया भर के देश प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने के लिए रिसर्च में जुटे हैं। दक्षिण कोरिया में इसी समस्या के चलते 2011 से जारी रिसर्च के बाद वैज्ञानिक जंगल से प्राप्त होने वाले लकड़ी के कचरे, पत्तियां, पेड़ पौधों की लकड़ी, तना-चावल का भूसा और गेहूं के भूसे के साथ अनाज के उत्पादन के बाद बचने वाली पराली से एक ऐसा प्लास्टिक जैसा उत्पाद तैयार कर चुके हैं। जो उतना ही मजबूत और प्लास्टिक की तरह ही मोड़े जा सकने की खूबी रखता है। साउथ कोरिया की कंपनी के डायरेक्टर राजेश भारद्वाज ने बताया कि, इस उत्पाद की खासियत है कि, यह प्राकृतिक पदार्थ के साथ मिनरल और मोम के मिश्रण से तैयार होने के बाद क्रॉस लिंक पॉलीमर का रूप ले लेता है। जो बिल्कुल प्लास्टिक की तरह उपयोग में लाया जा सकता है। जिसमें 70 से 72 प्रतिशत फॉरेस्ट्री बायो प्रोडक्ट होता है। जबकि 20 प्रतिशत मिनरल और मॉम के साथ कलर एक्सट्रैक्ट होता है। जिसका उपयोग सुरक्षित तरीके से किसी भी काम में किया जा सकता है। भारत में पहली बार उत्पादन दक्षिण कोरिया की कंपनी ईसीडीएस ने अपनी सहयोगी कंपनी एचएलबी पेनेजीन के साथ ज्वाइंट वेंचर के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुरोध पर उज्जैन स्थित एमपीआईडीसी मेडिकल डिवाइस पार्क में एफडीआई निवेश के तहत यहां 2030 करोड़ का प्लांट लगाने का फैसला किया है। जहां कंपनी अपने 6 बिजनेस सेगमेंट में काम करेगी। जिसमें क्लीनटेक हेल्थ केयर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा एविएशन स्किल जैसे सेक्टर हैं। विनोद / 16 फरवरी 26