क्षेत्रीय
16-Feb-2026
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- शिव विवाह का रंगारंग आयोजन भी हुआ झाबुआ (ईएमएस) झाबुआ (ईएमएस)जिला शिव आराधना में डूबा रहा। अल सुबह से ही शिवालयों में शिवलिंग पर जल चढ़ाने ओर पूजा अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया था, जो रविवार मध्य रात्रि तक अविराम गति से चलता रहा। सब तरफ हर हर महादेव ओर नमः शिवाय की ध्वनि सुनाई देती रही। इस मौके पर दिन में शिव विवाह महोत्सव सहित अन्य कार्यक्रम आयोजित हुए और रात में मंत्र-जाप एवं श्री शिव महिम्न: स्तोत्र, शिव आराधना के पाठ सुनाई देते रहे। जिला मुख्यालय स्थित श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में शुक्रवार से आयोजित शिव पार्वती विवाह महोत्सव एवं थांदला में दो दिवसीय शिव विवाह महोत्सव का रंगारंग समारोह भी महाशिवरात्रि पर्व पर देर शाम तक संपन्न हुआ। महाआरती के बाद विभिन्न मंदिरों में कई क्विंटल खिचड़ी प्रसादी वितरण की गई। फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी के दिन जिला मुख्यालय सहित विभिन्न जनपदीय इलाकों में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ महाशिवरात्रि का पर्व मनाया गया। सब तरफ जहां श्रद्धालुजनों द्वारा हर हर महादेव और नमः शिवाय की ध्वनि से शिव आराधना की जाती रही, वहीं विद्वान वैदिक आचार्यों द्वारा रूद्राभिषेक किया जाता रहा। पर्व के इस मौके पर मंदिरों में विभिन्न प्रकार की स्वादिष्ट फरियाली प्रसादी वितरण की गई। भगवान् शिव की पूजा, रूद्राभिषेक एवं स्तोत्र पाठ सहित आराधना का प्रातः काल ब्रह्म वैला से आरंभ हुआ सिलसिला अनवरत रूप से मध्य रात्रि में होने वाली महाआरती के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर एक तरफ जहां विभिन्न स्थानों मैं शिवालयों को आकर्षक रूप में सजाया गया, वहीं पूरे विधि-विधान पूर्वक हर्षोल्लास के साथ भगवान् शिव एवं देवी पार्वती का विवाह समारोह भी आयोजित किया गया। महाशिवरात्रि के अवसर पर जिला मुख्यालय के प्राचीनतम शिवालयो में गिने जाने वाले सिद्धेश्वर कालोनी स्थित श्री मनकामेश्वर महादेव मंदिर एवं गोपेश्वर महादेव मंदिर, देवझिरी के संकट मोचक महादेव मंदिर, पेटलावद जनपद क्षेत्र के अंतर्गत माही नदी एवं मधुकन्या नदी के संगम स्थल पर अवस्थित श्रृंगी ऋषि की तपस्थली श्री श्रृंगेश्वर महादेव मंदिर धाम, पेटलावद नगर में श्री नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर, मेघनगर जनपद क्षेत्र के श्री जंगलेश्वर महादेव, पीपलखूंटा स्थित श्री हनुमंत निवास आश्रम में स्थापित द्वादश ज्योतिर्लिंग एवं नर्मदेश्वर महादेव, माही नदी किनारे श्री पारदेश्वर महादेव मंदिर, देवी अहिल्याबाई होलकर द्वारा स्थापित थांदला नगर के पश्चिम में पद्मावती नदी के तट पर स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर, प्राचीन श्री अंबिकेश्वर महादेव मंदिर, सहित श्री हरिहरेश्वर मंदिर एवं श्री कल्लेश्वर महादेव मंदिर में आज प्रातः काल से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया, जो कि मध्य रात्रि तक अनवरत रूप से जारी रहा। ईएमएस/ डॉ. उमेश चन्द्र शर्मा/16 फरवरी 2026