- एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग, ज्ञापन सौंपा ब्यावरा, ईएमएस l सोमवार को नगर में अभिभाषक संघ ने शिवपुरी के करेरा में हुए वकील संजय कुमार सक्सेना की हत्या के विरोध में प्रदर्शन किया। वकीलों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और शासन-प्रशासन के नाम नायब तहसीलदार विनय कुमार रजक को ज्ञापन सौंपा l कोर्ट में वकीलों की हड़ताल की वजह से काम बंद रहा। उनकी मुख्य मांग है कि वकीलों की हिफाजत के लिए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को तुरंत लागू किया जाए। वकीलों ने बताया कि 14 फरवरी को वकील संजय कुमार सक्सेना की सरेराह गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना से पूरे वकील समुदाय में डर और नाराजगी का माहौल है। ज्ञापन में कहा गया कि ऐसी वारदातों के कारण अब वकील खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, जिससे कोर्ट में बिना डरे काम करना मुश्किल होता जा रहा है। - सुरक्षा कानून की पुरानी मांग पर जोर अधिवक्ताओं का कहना है कि वकीलों पर हमले की यह कोई पहली घटना नहीं है, इससे पहले डबरा के वकील चंद्रभान सिंह मीना पर भी जानलेवा हमला हो चुका है। वकीलों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से सुरक्षा कानून की मांग करने के बावजूद सरकार इस पर कोई ठोस फैसला नहीं ले रही है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। प्रदर्शन के दौरान अभिभाषक संघ के अध्यक्ष बद्रीलाल यादव सहित महेंद्र मेवाड़ा, आकाश क्रांति, वासुदेव दांगी और कई अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे। - राजगढ़ में भी वकीलों ने किया विरोध शिवपुरी जिले के करेरा में वरिष्ठ अधिवक्ता संजय सक्सेना की 14 फरवरी 2026 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के विरोध में राजगढ़ जिले के वकीलों ने सोमवार को न्यायालयीन कार्य से विरक्त रहकर काम बंद रखा। उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पीड़ित परिवार के लिए एक करोड़ रुपए की आर्थिक मदद और परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की गई। वकीलों ने एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को तत्काल लागू करने की भी अपील की, ताकि अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। कार्य से विरक्त रहने के कारण सोमवार को न्यायालयों में पहुंचे पक्षकारों को स्वयं अपनी फाइलों पर हस्ताक्षर करके अगली तारीखें लेनी पड़ीं। कई आरोपित जेल में ही रहे, कुछ को कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका, और जिनकी जमानत की तारीख थी, उन्हें भी जेल में ही रुकना पड़ा। राजगढ़, ब्यावरा सहित पूरे जिले के वकीलों ने इस विरोध प्रदर्शन में भाग लिया और ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को उठाया। इस एक दिवसीय हड़ताल से अदालतों में सामान्य कार्य प्रभावित हुआ, जिससे अधिवक्ताओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। -निखिल /ब्यावरा/16/2/2026