राष्ट्रीय
18-Feb-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। सदियों से सुबह उठकर गुनगुना पानी पीने की परंपरा चली आ रही है, जिसे आयुर्वेद में बेहद फायदेमंद माना गया है। यह सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि शरीर को संतुलित और सक्रिय रखने की प्रक्रिया है। आयुर्वेद के अनुसार सुबह खाली पेट गुनगुना पानी कई असाधारण फायदे देता है, जिसमें पाचन प्रक्रिया को दुरुस्त करना और कफ दोष को संतुलित करना प्रमुख है। सुबह उठते ही गुनगुने पानी का सेवन करने से शरीर की मंद पड़ी पाचन अग्नि सक्रिय हो जाती है और भोजन पचाने की क्षमता बढ़ती है। हल्का गर्म पानी आंतों को गतिशील बनाता है, जिससे शरीर में जमा विषैले पदार्थ बाहर निकलने लगते हैं। यह कफ को ढीला कर छाती से बाहर निकालने में मदद करता है। जिन लोगों का वजन बढ़ने लगा है, उनके लिए भी गुनगुना पानी उपयोगी माना जाता है, क्योंकि यह चर्बी कम करने की प्रक्रिया को गति देता है। हालांकि, यह सवाल भी महत्वपूर्ण है कि क्या सिर्फ सुबह ही गुनगुने पानी का सेवन लाभकारी होता है या फिर इसे पूरे दिन पी सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार गुनगुना पानी दिन में कई बार पिया जा सकता है। सुबह के बाद भोजन करने से आधा घंटा पहले इसका सेवन करना उचित माना जाता है क्योंकि यह पाचन शक्ति को और तेज करता है तथा वजन नियंत्रित रखने में मददगार होता है। भोजन करने के लगभग एक घंटे बाद गुनगुना पानी पीना भी शरीर के लिए लाभकारी है। हालांकि, हर स्थिति में यह फायदेमंद नहीं होता, इसलिए कुछ सावधानियों का ध्यान रखना आवश्यक है। सबसे पहले, जब प्यास बहुत तेज लगी हो या शरीर में डिहाइड्रेशन की स्थिति हो, तब गुनगुना पानी पीने से बचना चाहिए क्योंकि यह शरीर की गर्मी बढ़ाकर डिहाइड्रेशन को और गंभीर कर सकता है। इसके अलावा अत्यधिक गर्मी के मौसम में गुनगुना या गर्म पानी घबराहट और असहजता पैदा कर सकता है। गर्मियों में जिन लोगों को पित्त की समस्या, पेट में जलन या एसिडिटी की शिकायत रहती है, उन्हें भी गुनगुना पानी सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए या उससे परहेज करना चाहिए। सुदामा/ईएमएस 18 फरवरी 2026