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17-Feb-2026
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-पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच हुई द्व‍िपक्षीय बातचीत मुंबई,(ईएमएस)। देश की कारोबारी राजधानी मुंबई से आई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसिसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की तस्वीरों ने दोनों देशों के बीच की गहरी दोस्ती को साफ बयां कर दिया है। तस्वीरों में दोनों नेता बेहद गर्मजोशी के साथ हाथ मिलाते और एक-दूसरे का अभिवादन करते दिख रहे हैं, जो केवल कूटनीति नहीं बल्कि एक मजबूत व्यक्तिगत तालमेल को दिखाता है। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की मुलाकात के दौरान दोनों के चेहरों पर बड़ी मुस्कान और एक-दूसरे के प्रति सम्मान साफ दिखाई दिया, जो द्विपक्षीय वार्ता के सकारात्मक माहौल को दिखाता है। इसके कुछ देर बाद प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच द्व‍िपक्षीय बातचीत हुई। पीएम मोदी ने कहा, भारत और फ्रांस के बीच कोई बाउंड्री नहीं है। हमारे रिश्ते समंदर से गहरे और पहाड़ से ऊंचे हैं। हमारे बीच हो रहा फ्री ट्रेड समझौता ऐतिहासिक है। मैक्रों के साथ मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने कहा, वर्ष 2026 भारत और यूरोप के संबंधों में एक टर्निंग पॉइंट है। कुछ ही दिन पहले हमने यूरोपियन यूनियन के साथ भारत के इतिहास का सबसे बड़ा और महत्वाकांक्षी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किया। यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट भारत और फ्रांस संबंधों में भी अभूतपूर्व गति लाएगा। आपसी निवेश को बढ़ावा देने के लिए आज हम एग्रीमेंट कर रहे हैं, जिससे हमारे लोगों और हमारी कंपनी को डबल टैक्स न देना पड़े। इन सभी पहलुओं से आपसी ट्रेड, निवेश और मोबिलिटी को नई ऊर्जा मिलेगी। और यही शेयर्ड प्रॉस्पेरिटी का रोडमैप है। इंडिया फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन के लांच से अब हम अपनी स्ट्रेटेजिक साझेदारी को पार्टनरशिप ऑफ द पीपल बनाने जा रहे हैं। क्योंकि इनोवेशन आइसोलेशन में नहीं, कोलबोरेशन से होता है। इसलिए इंडिया फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन में हमारा लक्ष्य लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करने का है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आज हम महत्वपूर्ण खनिजों, जैव प्रौद्योगिकी और एडवांस मैटेररिल्‍स में अपना सहयोग मजबूत कर रहे हैं। हम स्वास्थ्य के लिए ‘इंडो-फ्रेंच सेंटर फॉर एआई’, ‘इंडो-फ्रेंच सेंटर फॉर डिजिटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी’ और ‘नेशनल सेंटर ऑफ एलायंस फॉर स्किलिंग इन एयरोनॉटिक्स’ की शुरुआत कर रहे हैं। ये केवल संस्थान नहीं हैं, बल्कि भविष्य बनाने वाले प्लेटफॉर्म हैं। दुनिया अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। इसतरह के माहौल में, भारत-फ्रांस की साझेदारी वैश्विक स्थिरता के लिए एक बड़ी ताकत है। फ्रांस के राष्‍ट्रपति मैक्रों ने कहा, मैं अपनी चौथी आधिकारिक भारत यात्रा पर आपके गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद देता हूं… भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय संबंध वास्तव में असाधारण और अद्वितीय हैं। यह रिश्ता भरोसे, खुलेपन और महत्वाकांक्षा का है। हमने आज इस साझेदारी को ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया है, जिससे इस एक नया दर्जा मिला है। उदाहरण के लिए, चाहे वह भारत-प्रशांत क्षेत्र हो या तकनीक, जहाँ कोई वर्चस्व न हो। हम कानून के शासन में दृढ़ विश्वास रखते हैं और हमने पिछले कुछ वर्षों में इस बात को साबित भी किया है। चाहे वह आईएमईसी (भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा) हो जिसे हमने संयुक्त रूप से लांच किया, या फिर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन हो, हमने पिछले आठ वर्षों में मिलकर कई पहल की हैं। 3.25 लाख करोड़ की डील संभव यूरोपीय यूनियन, अमेरिका के साथ डील के बाद पूरी दुनिया की नजर भारत की फ्रांस के साथ होने वाली डील पर है। इसके बाद द्व‍िपक्षीय मुलाकात बेहद अहम रहने वाली है। सूत्रों के मुताबिक, भारत-फ्रांस के बीच 3.25 लाख करोड़ की डील हो सकती है। कीमत के हिसाब से यह भारत की अब तक की सबसे बड़ी सैन्य डील मानी जा रही है। भारत को फ्रांस से 114 राफेल फाइटर जेट मिलने वाले हैं। आशीष दुबे / 17 फरवरी 2026