नई दिल्ली,(ईएमएस)। पाकिस्तान चीन और कुछ खाड़ी देशों के हाथों का खिलौना बन गया है। एक रिपोर्ट ने दावा किया है कि पाकितान और तुर्की मिलकर भारत के खिलाफ एक खतरनाक ‘ग्रे जोन वॉर’ छेड़ रहे हैं। रिपोर्ट ने बांग्लादेश में हुई हालिया उथल-पुथल में इस्लामाबाद की भूमिका को बेनकाब कर दिया है। रिपोर्ट का दावा है कि पाकिस्तान ने 2024 में बांग्लादेश में हुए छात्र आंदोलन को परोक्ष रूप से समर्थन दिया, जिसने देश को दो साल तक अराजकता और हिंसा की आग में झोंक दिया। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद फैलाने के बाद, पाकिस्तान ने बांग्लादेश में भारत विरोधी भावनाओं को भड़काने की कोशिश की ताकि भारत को दो मोर्चों पर घेरा जा सके। आम चुनावों के बाद बांग्लादेश में लोकतंत्र पटरी पर लौटता दिख रहा है, लेकिन पाकिस्तान लगातार साजिशें रच रहा है। रिपोर्ट में तुर्किये को 21वीं सदी में ‘कट्टरपंथ का इंजन’ बताया गया है। तुर्किये भारतीय मुस्लिम छात्रों को स्कॉलरशिप देता है, लेकिन इसके पीछे का मकसद उन्हें शिक्षा देना नहीं, बल्कि उन पर अपनी कट्टर विचारधारा थोपना है। वह भारत के मुसलमानों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। रिपोर्ट ने भारत को सुझाव दिया है कि वह तुर्किये के खिलाफ ‘पारस्परिकता की नीति’ अपनाए। अगर तुर्किये भारतीय छात्रों को बरगलाता है, तो भारत को कुर्द छात्रों का स्वागत करना चाहिए। उन्हें अपनी पहचान और राजनीतिक अधिकारों के लिए कौशल विकसित करने का मौका देना चाहिए, ताकि तुर्किये के अधिनायकवाद को संतुलित किया जा सके। पाकिस्तान अब एक संप्रभु राष्ट्र नहीं, बल्कि दूसरों के हाथों की कठपुतली बन चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक अपनी डूबती अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए पाकिस्तान कतर, तुर्किये और सऊदी अरब के सामने हाथ फैलाता है। बदले में ये देश और चीन भारत को कमजोर करने के लिए पाकिस्तान का इस्तेमाल करते हैं। रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि मोहम्मद अली जिन्ना ने पाकिस्तान बनाया था, लेकिन आज यह देश नफरत, आक्रामकता और असहिष्णुता का पर्याय बन चुका है। सिराज/ईएमएस 18 फरवरी 2026