-बसपा सुप्रीमो मायावती ने राजनीतिक गलियारों में चल रही अटकलों पर लगाया विराम लखनऊ,(ईएमएस)। यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक गलियारों में चल रही गठबंधन की अटकलों पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर पूर्ण विराम लगा दिया है। मायावती ने साफ किया कि गठबंधन को लेकर सोशल मीडिया और मीडिया के कुछ हिस्सों में चल रही खबरें पूरी तरह से फेक न्यूज़ और एक गहरी साजिश का हिस्सा हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आगाह किया कि बसपा को कमजोर करने और समर्थकों का ध्यान भटकाने के लिए विपक्षी दल और कुछ मीडिया घराने घिनौनी साजिशें रच रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बसपा प्रमुख ने साफ कहा कि उनकी पार्टी 2027 का मिशन अकेले अपने दम पर लड़ेगी और पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी। इसके साथ ही दिल्ली में नया बंगला लेने पर भी मायावती ने सफाई दी। मायावती ने गठबंधन की संभावनाओं को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि बसपा को यह अच्छी तरह पता है कि सपा, कांग्रेस और बीजेपी की विचारधारा बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की सोच के बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इन दलों से गठबंधन करने से बसपा को कभी फायदा नहीं हुआ, बल्कि हमेशा बड़ा राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा है। मायावती ने आरोप लगाया कि जब-जब बसपा ने गठबंधन किया, विपक्षी दलों ने बसपा का वोट तो ले लिया, लेकिन अपना वोट बसपा को ट्रांसफर कराने में नाकाम रहे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि हाथी की मस्त चाल चलते हुए 2027 के मिशन में डटे रहे। सोशल मीडिया पर दिल्ली में केंद्र सरकार द्वारा नया बंगला आवंटित किए जाने को लेकर आ रही खबरों पर भी मायावती ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि इसे लेकर गलत और गुमराह करने वाली बातें प्रसारित की जा रही हैं। उन्होंने साफ किया कि केंद्र सरकार ने उनकी सुरक्षा को देखते हुए ही काफी समय बाद टाइप-8 का बंगला अलाट किया है। इसे लेकर बसपा को नुकसान पहुंचाने वाली बातें फैलाई जा रही हैं। केंद्र की वर्तमान सरकार ने मेरी सुरक्षा के हिसाब से कई बंगले अलाट किए थे, लेकिन सुरक्षा कारणों से नहीं लिया था। लिया भी था तो छोड़ दिया था। अब टाइप-8 का बंगला अलाट किया है तो उसे मैंने स्वीकार कर लिया है। इसे लेकर गलत बातें प्रसारित की जा रही हैं। मायावती ने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएगा, विरोधी पार्टियां साम-दाम-दंड-भेद के हथकंडे अपनाए जाएंगे और बसपा को सत्ता से दूर रखने के षड्यंत्र और भी बढ़ते जाएंगे। ऐसे में सभी आंबेडकरवादियों को सतर्क रहना चाहिए। सिराज/ईएमएस 18फरवरी26