जयपुर (ईएमएस)। राजस्थान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पिछले 24 घंटों के दौरान कई जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया. मौसम विभाग के अनुसार बीकानेर, जयपुर, भरतपुर, अजमेर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. पश्चिमी राजस्थान में सर्वाधिक वर्षा हनुमानगढ़ जिले के नोहर क्षेत्र में 20 मिमी रिकॉर्ड हुई, जबकि पूर्वी राजस्थान के नरैना (जयपुर) में 27 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो इस अवधि की सबसे अधिक वर्षा रही। जल संसाधन विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार जयपुर जिले के कई इलाकों में अलग-अलग मात्रा में वर्षा दर्ज हुई. चाकसू में 5 मिमी, माधोराजपुरा में 1 मिमी, कोटखावदा में 3 मिमी, फागी में 4 मिमी, सांभर में 5 मिमी, फुलेरा में 8 मिमी, जालसू और सांगानेर में 11-11 मिमी, दूदू में 7 मिमी, चौमूं में 9 मिमी तथा आमेर, शाहपुरा और मौजमाबाद में 2-3 मिमी तक बारिश रिकॉर्ड की गई।बारिश के साथ चली ठंडी हवाओं से तापमान में हल्की गिरावट दर्ज हुई और मौसम सुहावना हो गया राजधानी जयपुर के कई इलाकों में ओलावृष्टि की तस्वीर सामने आई. तापमान की बात करें तो राज्य में अधिकतम तापमान बाड़मेर में 33.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान सिरोही में 11.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बादलों और वर्षा गतिविधियों के कारण दिन के तापमान में गिरावट और रात के तापमान में हल्की ठंडक बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया कि जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में तीव्र मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की प्रबल संभावना है. कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है, जिससे किसानों को फसलों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि 19 फरवरी से अगले 5-6 दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यत: शुष्क रहने का अनुमान है. इस दौरान पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं आंशिक बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन व्यापक वर्षा गतिविधि की संभावना कम है. मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है। अशोक शर्मा/ 5 बजे/ 18 फरवरी 2026