- सेसईपुरा में चीता मित्र सम्मेलन का आयोजन चीता मित्र प्रकृति एवं वन्यजीवो के संरक्षण के लिए उपयोगी-डीएम श्योपुर ( ईएमएस ) | कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने सेंसईपुरा फॉरेस्ट परिसर में भारत में चीता पुर्नजीवन के सफल तीन साल पूर्ण होने पर आयोजित चीता मित्र सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि चीता प्रोजेक्ट से श्योपुर जिले को विश्वभर में पहचान मिली है, चीता प्रोजेक्ट से जुडे अधिकारियों, वन्यप्राणी विशेषज्ञो, वन्य प्राणी चिकित्सको एवं चीता मित्रो की कडी मेहनत तथा क्षेत्रीय नागरिकों की जागरूकता से कूनो नेशनल पार्क में चीता प्रोजेक्ट सफलता के सौपान पर आगे बढ रहा है। इस अवसर पर डायरेक्टर लायन प्रोजेक्ट श्री उत्तम शर्मा, डीएफओ कूनो श्री आर थिरूकुराल, अपर कलेक्टर श्री रूपेश उपाध्याय, जनपद सदस्य प्रतिनिधि श्री भारत सिंह गुर्जर सहित चीता मित्र तथा अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने कहा कि वन्य विशेषज्ञो के साथ ही चीता मित्र इस प्रोजेक्ट की सफलता के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है। चीता मित्र प्रकृति एवं प्राणियों का संरक्षण तथा पालन कर रहे है। उन्होंने इस अवसर पर चीतों मित्रों को होमस्टे योजना की जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि होमस्टे के माध्यम से न केवल रोजगार के अवसर उपलब्ध होगे, बल्कि क्षेत्रीय संस्कृति, परम्पराओं को जानने का अवसर पर्यटको को मिलेगा। डायरेक्टर लायन प्रोजेक्ट श्री उत्तम शर्मा ने बताया कि कूनो नेशनल पार्क में प्रोजेक्ट चीता के अंतर्गत 18 फरवरी 2023 को लाए गए 12 दक्षिण अफ्रीकी चीतों (5 मादा, 7 नर) के भारत आगमन के तीन वर्ष पूर्ण हो गए हैं। इस अवसर पर उन्होंने सभी को बधाई भी दी। डीएफओ श्री आर थिरूकुराल ने चीता प्रोजेक्ट के तीन वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जानकारी देते हुए कहा कि दक्षिण अफ्रीका से सबसे पहले 12 चीते लाये गये थे, प्रारंभ में लाए गए 12 चीतों में से वर्तमान में 8 दक्षिण अफ्रीकी चीते स्थापित आबादी का हिस्सा हैं। स्थापित चीतों में से 3 को मध्यप्रदेश के गांधी सागर अभयारण्य में स्थानांतरित किया गया है, जो दूसरा परिचय स्थल है। शेष 5 दक्षिण अफ्रीकी चीते कूनो नेशनल पार्क में हैं। कूनो में मौजूद सभी 3 स्थापित दक्षिण अफ्रीकी वयस्क मादाओं ने सफलतापूर्वक प्रजनन किया है। वर्तमान में दक्षिण अफ्रीकी माताओं से जन्मे 10 शावक स्वस्थ हैं, जिनमें शामिल हैं। 3 मादा उप-वयस्क, नर उप-वयस्क, नवजात शावक, चीता गामिनी दूसरी बार माँ बनी है। उसकी पहली संतति में 3 स्वस्थ उप-वयस्क हैं, जबकि दूसरी संतति में 3 नवजात शावक हैं। वीरा अपने 13 माह के नर शावक के साथ खुले जंगल में विचरण कर रही है, जबकि निर्वा 10 माह के अपने 3 शावकों के साथ बंद प्राकृतिक वन परिक्षेत्र में है। चीता मित्र सम्मेलन से पूर्व जागरूकता रैली का आयोजन किया गया, जिसमें चीता मित्रों द्वारा चीतों के संरक्षण के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। नामीबियाई चीतों की वर्तमान स्थिति 17 सितंबर 2022 को लाए गए 8 नामीबियाई चीतों में से वर्तमान में 3, कूनो में स्वस्थ एवं स्थापित हैं। कूनो में स्थापित दोनों नामीबियाई वयस्क मादाओं ने सफलतापूर्वक प्रजनन किया है। वर्तमान में नामीबियाई माताओं से जन्मे 12 शावक स्वस्थ हैं, जिनमें शामिल हैं। भारत में जन्मी पहली वयस्क मादा चीता ‘मुखी’ ने भी सफलतापूर्वक प्रजनन किया है। उसके 3 माह के 5 शावक हैं। भारत में चीतों की वर्तमान स्थिति भारत में वर्तमान में कुल चीतों की संख्या 38 है। 35 कूनो नेशनल पार्क में, 3 गांधी सागर अभयारण्य में 17 सितंबर 2022 को लाए गए 8 नामीबियाई चीतों में से 3 स्थापित हैं तथा उनके 17 भारतीय जन्मे शावकों सहित कुल नामीबियाई मूल की स्थापित आबादी 20 हो गई है। 18 फरवरी 2023 को लाए गए 12 दक्षिण अफ्रीकी चीतों में से 8 स्थापित हैं तथा उनके 10 भारतीय जन्मे शावकों सहित कुल दक्षिण अफ्रीकी मूल की स्थापित आबादी 18 हो गई है। इनमें से 15 कूनो में एवं 3 गांधी सागर में हैं। तीन वर्षों के पश्चात, प्रजननशील मादाओं की स्थापना एवं दूसरी पीढ़ी के शावकों का जीवित रहना भारत के चीता पुनर्स्थापन कार्यक्रम के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।