- गोल्डन जुबली फाउंडेशन कर रहा सेवा कार्य इन्दौर (ईएमएस) भारतीय जीवन बीमा निगम के केन्द्रीय कार्यालय मुम्बई द्वारा भारतीय हेड और नेक कैंसर संस्थान राऊ इन्दौर जो कि इन्दौर कैंसर चेरिटेबल फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा संचालित है, को चिकित्सा संबंधी उपरकरण की खरीदी हेतु रू.46 लाख 50 हजार की राशि भा.जी.बी.नि. के गोल्डन जुबली फाउंडेशन के तहत प्रदान की गई। इस राशि से चेरिटेबल ट्रस्ट ने 3 हाइटेक मॉर्डन मशीनें खरीदी है। इनमें से एक मशीन ऑपरेशन के दौरान ज्यादा खून बहने से रोकती है, तो 2 अन्य मशीन कुछ ही मिनिट में यह बता देती है कि मरीज को कैंसर है या नहीं। जानकारी देते हुए भा.जी.बी.नि. इन्दौर मण्डल के वरि. मण्डल प्रबंधक प्रभात साहू ने बताया कि गोल्डन जुबली फाउंडेशन जो कि भा.जी.बी.नि. द्वारा 2006 से समाजिक विकास की पहल के तहत राष्ट्र सेवा में निगम के सत्त 50वर्ष पूर्ण करने के उपलक्ष्य में स्थापित किया गया था। गोल्डन जुबली फाउंडेशन का उद्देश्य सामाजिक गरीबी को दूर करना, शिक्षा के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना एवं समाज की जरूरतमंदो को चिकित्सीय सहायता प्रदान करना तथा अन्य कोई उद्देश्य जो सामाजिक भलाई के लिये हो को पूर्ण करना है। फाउंडेशन द्वारा इस पहल में मुम्बई स्थित विख्यात अस्पताल टाटा मेमोरियल एव के.ई.एम. पूणे को भी सहायता प्रदान की गई है। फाउंडेशन द्वारा कोविड राहतं फंड में भी अपना योगदान दे चुका है। ट्रस्ट महिला सशक्तिकरण, गावों के विकास सामाजिक समरसता का भी कार्य बखूबी कर रहा है। एल.आई.सी. के गोल्डन जुबली फाउंडेशन द्वारा निर्धन प्रतिभाशाली छात्र/छात्राओं को भी एक स्कॉलरशिप योजना का संचालन किया जाता है। जिसमें स्नातक स्तर तक रू.4000/- का राशि स्कॉलरशिष के लिये चयनित छात्र/छात्राओं को प्रदान किया जाता है। अब तक देशभर में कुल 30,835 छात्र/छात्राएँ इस योजना का लाभ उठा चुकी है। वरि. मण्डल प्रबंधक प्रभात साहू ने बताया कि इन्दौर स्थित कैंसर संस्थान को प्रदत्त राशि के माध्यम से क्रय किए गए चिकित्सीय उपकरणों का लोकर्पण भा.जी.बी.नि. के मध्यक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक धर्मपाल द्वारा किया गया। जो कि मध्य क्षेत्र में पूर्व में भी फाउंडेशन के तहत विभिन्न क्षेत्रों में राशि प्रदान कर चुके है। लोकर्पण कार्यक्रम में प्रदेशिक प्रबंधक विपणन अशोक कुमार ठाकुर एवं इन्दौर कैंसर फाउण्डेशन चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक और सचिव डॉ दिग्पाल धारकर द्वारा किया गया। आनंद पुरोहित/ 18 फरवरी 2026