क्षेत्रीय
19-Feb-2026
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- मचा हड़कंप, खाली कराई गई बिल्डिंग, तलाशी में नहीं मिली संदिग्ध वस्तू - ईमेल की आईडी और सर्वर लोकेशन की जानकारी जुटा रही सायबर सेल भोपाल(ईएमएस)। राजधानी भोपाल में स्थित पीपुल्स यूनिवर्सिटी में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब यूनिवर्सिटी के अंदर बम होने का धमकी भरा ईमेल मिला। यह खबर आग की तरह पूरे परिसर में फैल गई। बताया जा रहा है, कि तमिलनाडु से यूनिवर्सिटी को एक अज्ञात मेल मिला है। जिसमें यूनिवर्सिटी को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। ईमेल मिलते ही पुलिस को सूचना दी गई और साथ ही पूरे कैंपस को खाली करवाया गया। मेल भेजने वाले ने 12:15 पर बम से उड़ाने की धमकी दी थ। हालांकि पुलिस ने चप्पे-चप्पे की तलाशी ली लेकिन कहीं कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। जानकारी के अनुसार बम से उड़ाने की धमकी भरा संदिग्ध मेल यूनिवर्सिटी के डीन को आधिकारिक मेल आईडी पर प्राप्त हुआ। इसमें लिखा था कि मिलते ही विवि प्रशासन ने तुंरत ही पुलिस को सूचना दी।मौके पर पहुचीं पुलिस ने कार्रवाई शुरू करते हुए सुरक्षा के चलते विश्वविद्यालय कैंपस को खाली कराया। धमकी ई-मेल के जरिए दी गई है और लिट्टे संगठन का भी जिक्र है। ईमेल में लिखा, आपके कॉलेज में साइनाइड पॉइज़न वाले बम रखे गए हैं, जो दोपहर 12.15 बजे ब्लास्ट करेंगे। सुबह 11 बजे तक डॉक्टर स्टूडेंट्स को निकालें। अगर किसी कारणवश बॉम्ब सक्रिय नहीं होते हैं, तो सदस्य खुद मेडिकल कॉलेज के अंदर आकर श्रीलंका के ईस्टर आत्मघाती हमले की तरह सभी कर्मचारियों के साथ खुद को उड़ा लेंगे। हम अपना संदेश देना चाहते हैं, और आपका कार्यालय इस समय सबसे आसान निशाना है। हम जिम्मेदारी लेते हैं, और हर कीमत पर अपनी बात सुनाना चाहते हैं। ईमेल में लिखा कि सुसाइड बॉम्बर विश्वविद्यालय में घुसे हुए हैं। धमकी देने वाले शख्स ने कॉलेज की बिल्डिंग में बम रखने की बात कही। सूचना के बाद बम स्कवाड के साथ पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तथा सचिंग शुरू की। पुलिस बम स्क्वॉड टीम के साथ मौके पर पहुंची और बारीकी से जांच की, पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पूरे परिसर की गहन जांच पड़ताल की गई, लेकि, कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। पुलिस अफसरो का कहना है कि ईमेल की तकनीकी जांच की जा रही है। मेल किस आईडी से भेजा गया और उसका सर्वर लोकेशन क्या है, इसकी पड़ताल साइबर सेल द्वारा की जा रही है। शुरुआती जांच में मामला शरारत या फर्जी धमकी का भी हो सकता है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई है। जुनेद / 19 फरवरी