क्षेत्रीय
19-Feb-2026
...


- विरोध में भी दिखी दो फाड़ चुनिंदा कार्यकर्ताओं के साथ अलग-अलग गुटों ने एसपी को सौंपे ज्ञापन, दिगगज नेता रहे नदारद गुना (ईएमएस)। राघौगढ़ के बाबा साहब और पूर्व कैबिनेट मंत्री जयवर्धन सिंह के खिलाफ हुई अभद्र टिप्पणी ने गुना की राजनीति में भूचाल ला दिया है। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि अपने नेता के सम्मान की इस लड़ाई में भी कांग्रेस की चिर-परिचित गुटबाजी खुलकर सामने आ गई। गुरुवार को एसपी ऑफिस का नजारा कुछ ऐसा था कि मानो विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि शक्ति प्रदर्शन चल रहा हो। एक ही मुद्दे पर कांग्रेस के दो अलग-अलग धड़ों ने अलग-अलग समय पर दस्तक दी और अपनी-अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, वो भी अपने चुनिंदा कार्यकर्ताओं के साथ। पहला धड़ा, साहब के वफादार पार्षद और नेता प्रतिपक्ष सबसे पहले एसपी कार्यालय में हलचल तब शुरू हुई जब नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष शेखर वशिष्ठ और पार्षद रामवीर जाटव के नेतृत्व में तीन-चार जनों का पहला गुट पहुंचा। इस धड़े ने भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उसे समाज में वैमनस्यता फैलाने वाला बताया। पार्षद रामवीर जाटव ने तो दिग्विजय सिंह के कार्यकाल की उपलब्धियों की लंबी फेहरिस्त सौंपते हुए आरोपी पर एनएसए लगाने तक की मांग कर डाली। इस गुट का पूरा जोर इस बात पर था कि उनके नेता के खिलाफ की गई टिप्पणी से दलित और पिछड़ा वर्ग आहत है। दूसरा धड़ा: रजनीश शर्मा पिंकू के नेतृत्व में सेपरेट प्रदर्शन अभी पहले गुट की चर्चा थमी ही थी कि कांग्रेस का दूसरा धड़ा रजनीश शर्मा पिंकू के नेतृत्व में 8-10 कार्यकर्ताओं के साथ एसपी ऑफिस पहुंच गया। इस गुट ने अलग से अपना शिकायती आवेदन पेश किया। उनके आवेदन की भाषा और भी तल्ख थी। रजनीश शर्मा और उनके साथियों ने आरोप लगाया कि दामोदर यादव न केवल राजनीतिक नेताओं का अपमान कर रहा है, बल्कि सार्वजनिक सभाओं में देवी-देवताओं को भी गालियां देकर धार्मिक भावनाओं को भडक़ा रहा है। देशद्रोह का मुकदमा और आंदोलन की चेतावनी दूसरे गुट के ज्ञापन में आरोपी को देशद्रोही की श्रेणी में रखते हुए उस पर राजद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई। रजनीश शर्मा ने दो टूक शब्दों में प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही दामोदर यादव पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई नहीं हुई, तो गुना नगर में एक विशाल आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इस गुट के साथ हनुमान चौराहा परिवार के राजेन्द्र तिवारी, असीम भटनागर, कैलाश यादव, भजन सिंह और राजू जाटव जैसे प्रमुख नाम नजर आए। गुटबाजी की चर्चाएं गर्म, विरोध एक, रास्ते अनेक गुना के राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि जब मुद्दा एक था और निशाना भी एक, तो फिर कांग्रेस के ये शूरवीर एक साथ क्यों नहीं आए? एसपी ऑफिस में अलग-अलग समय पर पहुंचना और अलग-अलग ज्ञापन सौंपना यह साफ इशारा करता है कि कांग्रेस के भीतर की गोटबाजी और श्रेय लेने की होड़ अभी भी बरकरार है। नेता भले ही जयवर्धन सिंह के अपमान से दुखी हैं, लेकिन अपनी आपसी दूरी को पाटने को कोई तैयार नहीं है। बड़ी बात है कि दोनों ही ज्ञापनों में कांग्रेस के दिगगज नेता नदारद रहे। फिलहाल, पुलिस अधीक्षक ने दोनों ही धड़ों की शिकायतों को संज्ञान में लिया है और विवादित भाषण के वीडियो की जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। अब देखना यह है कि प्रशासन क्या कदम उठाता है और कांग्रेस के ये दोनों धड़े आगे के आंदोलन में एक मंच पर आते हैं या अपनी डफली-अपना राग ही बजाते रहेंगे। - सीताराम नाटानी