- 2027 की मॉनिटरिंग नगरीय क्षेत्रों हेतु दो दिवसीय जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ मुरैना ( ईएमएस ) | चंबल संभागायुक्त सुरेश कुमार ने कहा है कि जनगणना निदेशालय के मार्गदर्शन में देश में प्रत्येक 10 वर्ष में जनगणना कराई जाती है, किन्तु कोविड-काल के कारण पिछली जनगणना नहीं हो सकी। अब भारत की जनगणना-2027 लगभग 16 वर्ष बाद आयोजित की जा रही है, जिसकी मॉनिटरिंग एवं प्रबंधन कार्य जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (सीएमएमएस) वेब पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। वह गुरुवार को नगरीय क्षेत्रों के लिए आयोजित दो दिवसीय जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर कलेक्टर एवं प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी श्री लोकेश कुमार जांगिड़, भोपाल से आए संभाग स्तरीय मास्टर ट्रेनर डॉ. रघुवंश मणी, जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर श्री विपिन कुमार सिंह, जिला जनगणना अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर श्री अरविन्द माहौर, आयुक्त नगर निगम श्री सतेन्द्र धाकरे सहित नगरीय निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारी एवं संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे। कलेक्टर श्री जांगिड़ ने कहा कि जनगणना प्रशासनिक अधिकारियों के लिए अपनी प्रबंधन क्षमता सिद्ध करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि आंकड़ों की शुद्धता जनगणना की सफलता की कुंजी है तथा नागरिकों का दायित्व है कि वे सही जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने प्रशिक्षण व्यवस्था, समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने एवं जनजागरूकता बढ़ाने पर विशेष बल दिया। दो चरणों में होगी जनगणना आगामी जनगणना-2027 पूर्व की भांति दो चरणों में संपन्न होगी। प्रथम चरण में 1 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा, जिसमें मकानों की स्थिति, सुविधाओं एवं परिसंपत्तियों का विवरण प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर एकत्रित किया जाएगा। द्वितीय चरण में फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना का कार्य किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति का विवरण दर्ज किया जाएगा। संभाग स्तरीय मास्टर ट्रेनर डॉ. रघुवंश मणी ने प्रशिक्षण में डिजिटल जनगणना प्रक्रिया, डाटा शुद्धता, पारदर्शिता एवं प्रभावी निगरानी व्यवस्था पर विस्तृत जानकारी दी तथा जनगणना कार्य को समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने पर जोर दिया।