अंतर्राष्ट्रीय
20-Feb-2026
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वॉशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने बयानों से वैश्विक राजनीति और विज्ञान जगत में हलचल पैदा कर दी है। गुरुवार को जॉर्जिया की यात्रा के दौरान एयरफोर्स वन पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर गंभीर आरोप लगाए। ट्रंप का दावा है कि ओबामा ने एलियंस के अस्तित्व को स्वीकार कर बेहद संवेदनशील और गोपनीय सूचनाओं को उजागर करने की बड़ी गलती की है। दरअसल, यह पूरा विवाद बराक ओबामा के उस हालिया बयान से शुरू हुआ जिसमें उन्होंने एक पॉडकास्ट के दौरान एलियंस की वास्तविकता पर टिप्पणी की थी। ट्रंप ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए घोषणा की है कि वे जल्द ही युद्ध सचिव और संबंधित एजेंसियों को एलियंस, यूएफओ और अज्ञात हवाई घटनाओं से जुड़ी सभी सरकारी फाइलों की पहचान करने और उन्हें सार्वजनिक करने का औपचारिक निर्देश देंगे। इस विवाद की जड़ें बराक ओबामा के शनिवार को दिए गए उस बयान में हैं, जहाँ उन्होंने ब्रायन टायलर कोहेन के पॉडकास्ट में कहा था कि एलियंस असली हैं। हालांकि, ओबामा ने स्पष्ट किया था कि उन्हें एरिया 51 जैसी किसी गुप्त जगह पर नहीं रखा गया है और उनके कार्यकाल के दौरान एलियंस द्वारा संपर्क किए जाने का कोई ठोस सबूत नहीं मिला था। उन्होंने एलियंस की संभावना को केवल ब्रह्मांड की विशालता और सांख्यिकीय आधार पर सच बताया था। इसके बावजूद, ट्रंप ने ओबामा की नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह की बातें गोपनीय जानकारी का हिस्सा होती हैं और इन्हें सार्वजनिक मंच पर साझा नहीं किया जाना चाहिए था। ट्रंप ने तर्क दिया कि चूंकि जनता की इस विषय में गहरी रुचि है, इसलिए अब वे खुद ही तमाम जटिल और महत्वपूर्ण फाइलों को पब्लिक करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके। नेवादा के रेगिस्तान में स्थित एरिया 51 लंबे समय से षड्यंत्र सिद्धांतों का केंद्र रहा है। आम धारणा रही है कि वहां एलियंस के अवशेष और दुर्घटनाग्रस्त अंतरिक्ष यान छिपाकर रखे गए हैं। हालांकि, 2013 के सीआईए दस्तावेजों और पेंटागन की 2024 की एक विस्तृत रिपोर्ट ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा था कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से एलियन तकनीक का कोई सबूत नहीं मिला है और देखी गई ज्यादातर घटनाएं सामान्य खगोलीय या सैन्य गतिविधियां थीं। पेंटागन के अनुसार, यह साइट केवल टॉप-सीक्रेट जासूसी विमानों का परीक्षण स्थल रही है। ट्रंप ने हालांकि यह स्वीकार किया कि वे स्वयं नहीं जानते कि एलियंस सच हैं या नहीं, लेकिन उन्होंने पारदर्शी व्यवस्था का वादा करते हुए फाइलों को जारी करने का संकल्प लिया है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इन फाइलों के सार्वजनिक होने से अंतरिक्ष विज्ञान और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कौन से नए तथ्य सामने आते हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/20फरवरी2026