झांसी(ईएमएस) महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं में जो पदों की अदला बदली का खेल सामने आया है, वह बेहद डरावना है यहां नियमों को ताक पर रखकर कर्मचारियों के पदों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है जिसका सीधा असर मरीजों की जान और इलाज की गुणवत्ता पर पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज में कर्मचारियों के उनके निर्धारित पदों के विपरीत कार्य सौंपे जाने का सिलसिला जारी है। सूत्रों के अनुसार कई स्थानों पर स्वीपर को ऑपरेशन थिएटर से लेकर वार्ड बॉय तक की जिम्मेदारी निभाने के लिए लगाया गया है। वहीं कुछ वार्ड बॉय एंबुलेंस चला रहे हैं। यह व्यवस्था एक या दो कर्मचारी तक ही सीमित नहीं है बल्कि कई कर्मचारियों को मूल पदों से हटा कर उनसे इस तरह का काम लिया जा रहा है। यह भी बताया जा रहा है कि प्रशिक्षित स्टाफ की कमी और प्रशासनिक ढ़ीलाई के चलते यह स्थिति बनी हुई है। मेडिकल प्रशासन द्वारा सभी कर्मचारियों के ड्यूटी चार्ट में उनके नाम और मूल पद का उल्लेख किया जाता है। इसके साथ ही उन्हें किस पद की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है यह भी साफ लिखा जाता है। ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता की मेडिकल कॉलेज प्रशासन के उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है। कॉलेज प्रशासन द्वारा आईसीयू इमरजेंसी वार्ड, लेबर रूम, टीवी विभाग, इमरजेंसी, गायनिक तक में स्वीपर को वार्ड बॉय के पद पर लगा रखा है ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है की भर्ती मरीज के साथ यदि कोई अनहोनी होती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। इस बारे में डॉक्टर सचिन माहुर प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक का कहना है, कि कार्य व्यवस्था को संभालने के लिए कर्मचारियों को अतिरिक्त चार्ज सौंप रखे हैं ताकि मरीजों को सुचारू स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सके। और किसी भी तरह की अव्यवस्था न फैले।शरद शिवहरे /ईएमएस /20 फरवरी