कोरबा (ईएमएस) संयुक्त कोयला मजदूर संघ (एटक) ने संगठन विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप में बृजलाल पनिका को संघ से निष्कासित कर दिया है। इस संबंध में जारी प्रेस विज्ञप्ति में संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि पनिका संगठन के विधिवत सदस्य नहीं थे, इसके बावजूद उन्हें तत्कालीन केंद्रीय महासचिव (बिलासपुर) द्वारा हिन्द मजदूर संघ (एच.एम.एस.) से सीधे लाकर एस.के.एम.एस. (एटक) कुसमुण्डा का क्षेत्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। इसे एटक के संविधान के विरुद्ध बताया गया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि नियुक्ति के बाद से ही संगठन के सक्रिय और जुझारू कार्यकर्ताओं द्वारा उनके कार्यप्रणाली का विरोध किया जाता रहा। आरोप है कि पनिका ने संगठन हितों की अनदेखी करते हुए व्यक्तिगत स्वार्थ और महत्वाकांक्षा को प्राथमिकता दी तथा संघ को निजी उद्देश्य की पूर्ति का माध्यम बनाने का प्रयास किया। संघ के अनुसार, उनके विरुद्ध प्रमुख शिकायतों में व्यक्तिगत लेटर पैड छपवाना, यूनियन के बैंक खाते पर रोक लगाने का प्रयास करना, बिना विचार-विमर्श अनर्गल पत्राचार करना तथा कार्यकारिणी को विश्वास में लिए बिना हड़ताल/धरना प्रदर्शन का नोटिस जारी कर दबाव बनाने जैसे कदम शामिल हैं। संघ पदाधिकारियों ने बताया कि उनकी गतिविधियों को संदिग्ध मानते हुए पहले ही उन्हें संयुक्त सलाहकार समिति (जे.सी.सी.) की सदस्यता से हटाया गया था तथा पत्र व्यवहार पर रोक लगाकर अधिकार सीमित कर दिए गए थे, ताकि संगठन एटक के संविधान के अनुरूप संचालित हो सके। संयुक्त कोयला मजदूर संघ (एटक) ने स्पष्ट किया है कि संगठन श्रमिक हितों को सर्वोपरि मानता है और किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 20 फरवरी / मित्तल