क्षेत्रीय
20-Feb-2026
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- ग्वालियर की मंजू आदिवासी के जीवन में आई नई रोशनी ग्वालियर ( ईएमएस ) | प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना आज ग्रामीण और आदिवासी अंचलों की महिलाओं के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रही है। ग्वालियर जिले की आदिवासी महिला मंजू आदिवासी इसकी जीवंत मिसाल बनकर उभरी हैं। ग्वालियर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली मंजू आदिवासी पहले परंपरागत चूल्हे पर भोजन बनाती थीं। लकड़ी और उपलों से निकलने वाला धुआं उनकी आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा करता था। बरसात के मौसम में लकड़ी गीली हो जाने से भोजन बनाना और भी कठिन हो जाता था। मंजू बताती हैं, “पहले खाना बनाते समय पूरा घर धुएं से भर जाता था। बच्चों को भी दिक्कत होती थी। अब गैस मिलने से हमारा जीवन आसान हो गया है।” जिले में आयोजित जनकल्याण मेले के दौरान मंजू आदिवासी को उज्ज्वला योजना के तहत निःशुल्क गैस कनेक्शन प्रदान किया गया। मंच से जब उनका नाम पुकारा गया और उन्हें गैस चूल्हा व सिलेंडर सौंपा गया, तब उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। गैस कनेक्शन मिलने के बाद अब वे कुछ ही मिनटों में भोजन तैयार कर लेती हैं। समय की बचत होने से वे घर के अन्य कार्यों के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई पर भी अधिक ध्यान दे पा रही हैं। उज्ज्वला योजना के माध्यम से केवल ईंधन नहीं, बल्कि महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा भी मिली है। अब मंजू को जंगल से लकड़ी लाने के लिए दूर तक नहीं जाना पड़ता। इससे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हुई है और श्रम की बचत भी हुई है। घर धुएं से मुक्त हुआ है, जिससे परिवार के स्वास्थ्य में भी सुधार आया है। मंजू आदिवासी अब स्वयं सहायता समूह से भी जुड़ गई हैं और वे कहती हैं कि सरकार की योजनाओं से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। वे अन्य महिलाओं को भी उज्ज्वला योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित कर रही हैं। श्रीमती मंजू आदिवासी खाली समय में सिलाई का कार्य कर अपने परिवार को आर्थिक सशक्त बनाने की दिशा में भी कार्य कर रहीं हैं।