नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि किसी के घर के पास सार्वजनिक यूरिनल और खुला कूड़ादान होना संविधान के तहत स्वच्छ और स्वस्थ माहौल में गरिमा के साथ जीने के अधिकार का उल्लंघन है। कोर्ट ने दिल्ली नगर निगम को चार हफ्तों में इन्हें हटाने का आदेश दिया। दिल्ली हाई कोर्ट ने सम्मान के साथ जीने के अधिकार को लेकर कहा है कि किसी के घर के ठीक पास पब्लिक यूरिनल और खुला कूड़ेदान होना संविधान के तहत साफ और हेल्दी माहौल में सम्मान के साथ जीने के अधिकार का उल्लंघन है। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस अमित बंसल ने दिल्ली नगर निगम को चार हफ्ते के अंदर इन्हें हटाने का आदेश दिया। जस्टिस अमित बंसल ने कहा कि साफ-सुथरा माहौल हेल्दी जिंदगी का एक जरूरी हिस्सा है और हेल्दी माहौल की कमी सम्मान के साथ जीने के अधिकार को खत्म करती है। दरअसल, दिल्ली हाईकोर्ट ने यह आदेश एक वकील की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया, जिसमें उसकी संपत्ति की पूर्वी दीवारों पर बिना इजाजत के खुला कूड़ेदान और पेशाबघर बनाने के खिलाफ शिकायत की गई थी। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/20/फरवरी/2026