क्षेत्रीय
20-Feb-2026
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- घर की मुखिया की मौत परिवार को खत्म होने के बराबर होती है, सड़क सुरक्षा के नियमों की शुरुआत घर से ही शुरू करें -कलेक्टर श्री संदीप जी आर - कलेक्टर के प्रयासों का हो रहा है असर - सड़क सुरक्षा मित्रों का एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न सागर जबलपुर (ईएमएस)। बेसिक सिविक सेंस का उपयोग कर सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन कर सुरक्षित रहें क्योंकि सड़क दुर्घटना में जब घर की मुखिया की मौत होती है तब परिवार को खत्म होने के बराबर होता है इसलिए सड़क सुरक्षा के नियमों की शुरुआत घर से ही शुरू करे और सुरक्षित रहें। उक्त विचार कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने महाकवि पद्माकर सभागार में सड़क सुरक्षा मित्रों के एक दिवसीय प्रशिक्षण के अवसर पर व्यक्त किये। इस अवसर पर अपर कलेक्टर अविनाश रावत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव उईके, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश सिन्हा, जिला क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मनोज तेहगुनिया, सेफ लाइफ फाउंडेशन नई दिल्ली की ट्रेनर शिवम राना, माय भारत पोर्टल की उपनिदेशक श्री रोहित यादव, डीसीपी ट्रैफिक श्री मयंक सिंह सहित टू एवं फोर व्हीलर एजेंसी के संचालक, एनसीसीएनएसएस के छात्र-छात्राएं सहित बड़ी संख्या में सड़क सुरक्षा मित्र मौजूद थे।कलेक्टर संदीप जी आर के द्वारा जिले वासियों की सुरक्षा की दृष्टि से अभिनव प्रयोग करते हुए जहां देश में पहली बार सड़क सुरक्षा के संबंध में ग्राम पंचायतों का आयोजन किया गया। वहीं आज सड़क सुरक्षा मित्रों का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया है जिसमें कलेक्टर ने कहा कि परिवार के मुखिया का जब सड़क दुर्घटना में निधन होता है तो उस समय पूरा परिवार समाप्त होने की समान होता है। इसलिए सभी व्यक्ति वाहन चलाते समय यातायात के नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा कि यातायात के नियमों का पालन घर से ही शुरू करें जिससे कि व्यक्ति एवं व्यक्ति का परिवार एवं उनके शुभचिंतक सभी नियमों का पालन करते हुए गाड़ी चलने का कार्य करें। उन्होंने कहा कि आज सभी संकल्प ने कि कोई भी व्यक्ति टू व्हीलर, फोर व्हीलर चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि प्रायः देखने में आता है कि व्यक्ति हेलमेट लगाने के बाद भी हेलमेट में मोबाइल लगा लेते हैं और मोटरसाइकिल चलाते हैं इससे दुर्घटनाएं बढ़ती हैं। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार सभी सड़क सुरक्षा मित्र आज से ही अपने-अपने क्षेत्र में जन जागरूकता अभियान प्रारंभ करें एवं सड़क सुरक्षा के संबंध में विस्तार से जानकारी दें। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपनी गाड़ी से स्टंट न करें। उन्होंने कहा कि सागर को जीरो फेटेलिटी बनाने के लिए आप सबका सहयोग आवश्यक है।कलेक्टर संदीप जी आर ने कहा कि रोड इंजीनियरिंग के लिए के लिए रोड निर्माण से संबंधित विभाग भी कार्य कर रहे हैं जिससे चिह्नित किए गए ब्लैक स्पॉट को ठीक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नेशनल हाईवे सहित अन्य मुख्य सड़कों पर से ग्राम सड़कों को जोड़ने के पथ पर स्पीड बेकर भी बनाए जाने के लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है जिससे दुर्घटनाएं रुकेगी।कलेक्टर संदीप जी आर ने सभी सड़क सुरक्षा मित्रों से संवाद करते हुई उनसे जानकारी प्राप्त की एवं सड़क सुरक्षा के संबंध में विस्तार से जानकारी भी दी। कलेक्टर ने सड़क सुरक्षा शपथ भी दिलाई। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लोकेश सिन्हा ने कहा कि ट्रैफिक नियमों का पूर्णतः पालन करें। रोड सिग्नल का पालन करें। उन्होंने कहा कि हमारी जिंदगी हमारी जिम्मेदारी है इसलिए अपनी जिंदगी को बचाने के लिए सड़क सुरक्षा एवं ट्रैफिक नियमों का अक्षरः पालन करें व सुरक्षित रहें। उन्होंने सभागार में मौजूद सड़क सुरक्षा मित्रों से संवाद भी किया।सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम के अंतर्गत मध्यप्रदेश के 06 जिलों का चयन किया गया है, जिसमें से सागर एक है। जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम के अंतर्गत सागर जिले में 246 सड़क सुरक्षा मित्रों का चयन किया जाकर माय भारत पोर्टल पर उनका पंजीयन किया गया है। सड़क सुरक्षा मित्रों के चयन में यह तथ्य विशेष तौर पर ध्यान में रखा गया है कि जिन ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक सड़क दुर्घटनायें घटित हो रही थी। उन क्षेत्रों से मुख्य तौर पर सड़क सुरक्षा मित्रों का चयन किया गया है।उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विशेष तौर पर सेव लाईफ फाउण्डेशन के विशेषज्ञ दिल्ली से प्रशिक्षण हेतु उपस्थित होकर राहवीर योजना, दुर्घटना के कानूनी पहलु तथा वेसिक ट्रामा लाईफ सपोर्ट का प्रशिक्षण प्रदान किया। उप पुलिस अधीक्षक यातायात मयंक सिंह द्वारा यातायात के नियमों की विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। सड़क सुरक्षा हेतु जिलास्तरीय मैकेनिजम तथा बचाव एवं प्रतिक्रिया समन्वय का प्रशिक्षण दिया गया। रॉयल क्रूजर एजेंसी द्वारा सेफ्टी गीयर का प्रदर्शन किया गया।कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा मित्रों को चयन पत्र, हेलमेट, सेफ्टी जैकेट, कैप का निःशुल्क प्रदान किया गया। कार्यक्रम की उपयोगिता तथा आभार प्रदर्शन क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री मनोज तेहगुनिया द्वारा किया गया। कार्यक्रम के पश्चात् समस्त सड़क सुरक्षा मित्रों को सर्वाधिक दुर्घटना संभावित क्षेत्र में पदस्थ किया जावेगा तथा उन क्षेत्रों की सड़कों में सुधार के संबंध में प्रोजेक्ट रिपोर्ट प्राप्त की जावेगी। प्रस्तुत प्रोजेक्ट रिपोर्ट के आधार पर उन सड़कें के रेक्टीफिकेशन का कार्य किया जावेगा। निखिल सोधिया/ईएमएस/20/01/2026