राष्ट्रीय
21-Feb-2026
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पिछले साल की तुलना में इस बार 141फीसदी अधिक संपत्ति अटैच की गई नई दिल्ली,(ईएमएस)। इस वित्त वर्ष के पहले 9 महीने में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) 32,500 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच कर चुकी है। केंद्र सरकार के दस साल का रिकॉर्ड देखें तो अटैच की गई जमीन-जायदाद में 8 गुना से ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। इस साल सबसे बड़ी गाज अनिल अंबानी समूह पर गिरी, जिसकी 5600 करोड़ की संपत्ति अटैच की गई। इसके अलावा क्रिप्टो करेंसी फ्रॉड में 4190 करोड़ रुपए, पर्ल ग्रुप पोंजी के 3436 करोड़ रुपए और यूनाइटेड रियल एस्टेट के 1000 करोड़ रुपए की संपत्तियां भी इस दायरे में आई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल की तुलना में इस बार 141फीसदी अधिक संपत्ति अटैच की गई है। एजेंसी कुल मिलाकर अब तक 1.55 लाख करोड़ की संपत्ति अटैच कर चुकी है, जो एक साल के गृह मंत्रालय के बजट के बराबर है। इसमें बैंक खाते, एफडी, शेयर, वाहन, लग्जरी आइटम, कॉर्पोरेट प्रॉपर्टी और इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो शामिल हैं। पीएमएलए की शुरुआती जांच के बाद संपत्ति जब्त की गईं और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर कोर्ट में अटैचमेंट सही भी पाए गए लेकिन बड़ी बाधा अदालती प्रक्रिया लगातार खिंचते जाने की है और मामले पर फैसला आने तक संपत्ति फ्रोजन हालत में रहती है। बता दें पिछले 12 साल में ईडी के मामलों में साढ़े सात गुना और जब्त की गई संपत्ति में 12 गुना बढ़ोतरी हुई है। कभी 2012-13 में 62 मामलों में 2347 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की गई थी, जिसमें से अदालतों में 325 करोड़ रुपए सही पाए गए थे। आर्थिक अपराधियों के खिलाफ ईडी की रोज होने वाली कार्रवाई और संपत्तियां जब्त करने की खबरों की पड़ताल के बाद अदालतों से एक लाख 6 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति को सही माना गया है। वहीं, 30 मामलों में अदालतों ने 15 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति वापस करने का भी आदेश दिया है। सिराज/ईएमएस 21फरवरी26