मुरैना ( ईएमएस ) | ग्रीन एजी परियोजना अंतर्गत 21 फरवरी को कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ की अध्यक्षता में टीएसजी (टेक्निकल सपोर्ट ग्रुप) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में परियोजना के अंतर्गत तैयार किए जा रहे जीएलएमपी (ग्राम लैंड मैनेजमेंट प्लान) पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। बैठक के प्रारंभ में परियोजना टीम के सदस्यों द्वारा ग्रीन एजी परियोजना की प्रगति एवं उद्देश्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई तथा उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिकारियों से सुझाव प्राप्त किए गए। कलेक्टर श्री जांगिड़ ने निर्देश दिए कि प्राप्त सुझावों को जीएलएमपी में समाहित करते हुए एक आदर्श एवं व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समन्वित प्रयास करते हुए परियोजना क्षेत्र के गांवों में नेपियर घास के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए, जिससे भूमि एवं वन संरक्षण के साथ-साथ पशुओं हेतु चारे की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। बैठक में परियोजना क्षेत्र में जैविक खेती को बढ़ावा देने, एफपीओ के माध्यम से विपणन व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा तकनीकी पशुपालन को प्रोत्साहित करने जैसे विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की गई, जिससे किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। बैठक में दिल्ली स्थित फूड ऑफ एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन के मध्यप्रदेश समन्वयक श्री सुव्रम गोस्वामी, उप संचालक कृषि श्री अनंत सड़ैया, उप संचालक पशुपालन डॉ. बी.के. शर्मा, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी श्री सुनील त्यागी सहित उद्यानिकी, वन, वाटरशेड, निःशक्त कल्याण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, राजस्व तथा नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधिकारी, जीएलआईयू टीम लीडर डॉ. शैलेन्द्र शर्मा, डॉ. रवि सिंह गुर्जर, आजीविका विशेषज्ञ श्री रामअवतार शर्मा, पशुपालन विशेषज्ञ श्री अवदेश वशिष्ठ, कृषि विशेषज्ञ श्री संजय तोमर, एमआईएस प्रभारी श्री सकील खान, ग्रीन एजी परियोजना के क्षेत्रीय कर्मचारी तथा राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।