21-Feb-2026
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- सात कारें, 29 मोबाइल सहित एक करोड़ का माल जप्त - शिवपुरी पुलिस ने किया खुलासा शिवपुरी (ईएमएस)। शिवपुरी की पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है। जो ऑनलाइन चैटिंग और वीडियो कॉल के जरिए अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लोगों को डिजिटल अरेस्ट करता था और बाद में उन्हें ब्लैकमेल करता था। शिवपुरी पुलिस ने इस साइबर गिरोह को पकड़कर इसका पर्दाफाश किया है। इस गैंग के पास से पुलिस ने 7 कार, 29 मोबाइल सहित एक करोड रुपए का माल जप्त किया है। पुलिस ने 32 नामजद आरोपियों में से 20 लोगों को गिरफ्तार किया है। शिवपुरी पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ ने इस गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पूरी जानकारी दी। पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ ने बताया कि यह गिरोह ऑनलाइन चैटिंग और वीडियो कॉल के जरिए लोगों को फंसाता था और डिजिटल अरेस्ट कर ब्लैकमेल करता था। 1 करोड़ 7 लाख रुपए का मशरूका जब्त - पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ ने बताया कि इस गैंग के सदस्य महिलाओं के नाम से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर अश्लील चैट और वीडियो कॉल करते थे, फिर उसकी अश्लील वीडियो के साथ रिकॉर्डिंग कर पीड़ितों को ब्लैकमेल करते थे। इस कार्रवाई में 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 7 कार, 1 बाइक, 29 मोबाइल, 16 एटीएम कार्ड, 7 बैंक पासबुक, 1 मकान की रजिस्ट्री और 1 लाख 20 हजार रुपए नकद सहित करीब 1 करोड़ 7 लाख रुपए का मशरूका जब्त किया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जांच में सामने आया है कि गिरोह अब तक ढाई करोड़ रुपए से अधिक की ठगी कर चुका है। एक आरोपी ने ठगी के पैसों से आलीशान मकान तक बनवा लिया था, जिसकी रजिस्ट्री भी पुलिस ने जब्त कर ली है। अश्लील बातचीत और वीडियो कॉल कर फंसाते थे- गिरोह का खुलासा करते हुए एसपी ने बताया कि आरोपी महिलाओं के नाम से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाते थे। इसके बाद वे ऑनलाइन चैटिंग के इच्छुक लोगों से अश्लील बातचीत और वीडियो कॉल करते थे। कॉल और चैट की रिकॉर्डिंग कर ली जाती थी। इसके बाद आरोपी खुद को पुलिस अधिकारी बताकर पीड़ितों को फोन करते थे और बलात्कार, चाइल्ड पोर्नोग्राफी जैसे गंभीर अपराधों में फंसाने की धमकी देते थे। डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर केस सेटलमेंट के नाम पर मोटी रकम ट्रांसफर करवा लेते थे। डर और सामाजिक बदनामी के भय से कई लोग आरोपियों के खाते में बड़ी रकम भेज देते थे। इन एप्स के जरिए फंसाते थे- इन गिरोह के द्वारा हीऊ, टोकी, मीका, इलोएलो, गागा, हनी, सुगो, कॉमेक्टो,कॉमेट नामक ऐप्स के जरिए लोगों को फंसाने का काम किया जा रहा था। इन साइटों पर लोगों को आमंत्रित करके पहले अश्लील बातें करवाने के बाद उनकी वीडियो बनाकर अभी तक करोड़ों की वसूली कर चुके हैं। यह गिरोह पिछले 6 माह से अधिक सक्रिय हो गया था। गिरोह द्वारा जैसे एप्स का उपयोग किया जा रहा था। ये एप एपीके फाइल के जरिए मोबाइल में आसानी से डाउनलोड हो जाते हैं। 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया- एसपी ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में साइबर अपराध से जुड़े 4 अलग-अलग एफआईआर दर्ज किए गए हैं, जिनमें कुल 32 आरोपियों को नामजद किया गया। इनमें से 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस केस के शेष आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। आरोपियों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों में अंगद लोधी, विशाल लोधी, योगेन्द्र लोधी, प्रदीप लोधी, धनाराम लोधी, सुरजीत लोधी, रईश पाल, नरेश लोधी, गोलू विश्वकर्मा, कृष्णा लोधी, पवन जाटव, पूरन, सुखदेव लोधी, अर्जुन लोधी, संदेश उर्फ दीपेश परिहार, करन परिहार, राजीब लोधी, स्वाती लोधी, योगेन्द्र कुशवाह और दीपक प्रजापति शामिल हैं। ऑपरेशन मेट्रिक्स के तहत के पकड़े गए आरोपी- पूरी कार्रवाई मध्यप्रदेश स्तर पर चल रहे ऑपरेशन मेट्रिक्स के अंतर्गत ग्वालियर जोन के निर्देशन में की गई। जिले में 9 विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया था। एसडीओपी करैरा और पिछोर के नेतृत्व में थाना करैरा, भौंती, अमोला, सुरवाया, सतनबाड़ा, कोतवाली, पिछोर और कोलारस थाना पुलिस की टीमों ने संयुक्त रूप से दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा है। रंजीत गुप्ता/21/02/2026