अंपायर चौधरी ने भी उठाये सवाल नई दिल्ली (ईएमएस)। आईसीसी टी20 विश्वकप में इस बार पाकिस्तान के स्पिनर उस्मान तारिक अपनी विवादस्पद गेंदबाजी के कारण निशाने पर हैं। तारिक गेंदबाजी के दौरान ही बीच में रुक जाते हैं जिससे बल्लेबाज संशय में फंस जाते हैं। उनके गेंदबाजी एक्शन पर कई दिग्गज क्रिकेटरों ने सवाल उठाये हैं हालांकि अभी तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने इस गेंदबाज पर कोई कार्रवाई नहीं की है। ऐसे में क्रिकेट जगत दो गुटों में बंट गया है। एक का मानना है कि तारिक की गेंदबाजी जादुई है वहीं दूसरे गुट का मानना है जिस प्रकार से ये गेंदबाज पूरी बांह वाली टी शर्ट पहनकर गेंदबाजी कर रहा है उसमें कुछ गड़बड़ है। ऐसे में आईसीस नॉकआउट मुकाबलों से पहले आईसीसी को इस गेंदबाज के एक्शन की जांच करनी चाहिये। अंपायर अनिल चौधरी ने भी इस स्पिनर के एक्शन पर सवाल उठाते हुए कहा कि आंखिर वह पूरी बांह वाली टी-शर्ट ही क्यों पहने रहता है ? साथ ही कहा कि तारिक का मैदान पर और मैदान के बाहर हमेशा फुल टी-शर्ट पहनना समझ से परे है। इसके पीछे कुछ राज है। साथ ही कहा, “जब कोई गेंदबाज भीषण गर्मी में भी अपनी आस्तीन नीचे नहीं करता और अभ्यास सत्र में भी हाफ टी-शर्ट पहनने से बचता है, तो मन में आशंका होना स्वाभाविक है। वह अपनी कोहनी के पास से क्या छुपाना चाहता है। हमने पहले भी देखा है कि संदिग्ध एक्शन वाले गेंदबाज कोहनी के मुड़ाव को छिपाने के लिए पूरी बांह की टी शर्ट पहनने रहे हैं। चौधरी के सोशल मीडिया पर उठाये इस सवाल के बाद पाक स्पिनर के एक्शन को लेकर बहस तेज हो वहीं एक दिग्गज पूर्व विकेटकीपर ने कहा कि इस गेंदबाज का बचाव करते हुए कहा कि उसकी गेंदबाजी में जो विविधता है, वो लंबे समय बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में देखने को मिली है. उन्होंने कहा, “उनकी गेंद को विकेट के पीछे से देखना काफी अच्छा अनुभवी है। वो जिस तरह से फ्लाइट देते हैं और अचानक गेंद को तेज़ी से टर्न कराते हैं, वो काबिले-तारीफ है। अंपायरों को सबूतों पर बात करनी चाहिए, सिर्फ कपड़ों पर नहीं। इस बार पाक के सुपर-8 में पहुंचने में तारिक की अहम भूमिका रही है। उन्होंने अहम मौकों पर बड़े विकेट लेकर अपनी टीम को जीत दिलाई है। इस गेंदबाज ने अभी तक किसी भी बायोमैकेनिकल टेस्ट में अपनी कोहनी की जांच नहीं करायी है। ऐसे में अगर जांच में उनकी कोहनी 15 डिग्री से अधिक मुड़ती दिखी तो उनपर प्रतिबंध लगना तय है। गिरजा/ईएमएस 23 फरवरी 2026