बिलासपुर (ईएमएस)। जिला प्रशासन के नवाचार उन्मुखीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत जिला पंचायत बिलासपुर के सदस्यों का सात दिवसीय अध्ययन एवं प्रशिक्षण प्रवास सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। 16 फरवरी को प्रतिनिधिमंडल प्रशिक्षण हेतु मुंबई रवाना हुआ था, जहां कुशाभाऊ ठाकरे महालग्नी प्रबोधिनी संस्थान में उन्हें पंचायत स्तर पर सुशासन, ग्रामीण विकास, जल प्रबंधन, स्वावलंबन और सामुदायिक सहभागिता के व्यावहारिक मॉडल सिखाए गए। प्रशिक्षण के दौरान वित्तीय प्रबंधन, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता तथा नवाचार आधारित कार्यप्रणाली पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया। प्रवास के अंतर्गत प्रतिनिधिमंडल ने महाराष्ट्र के प्रसिद्ध आदर्श ग्राम रालेगण सिद्धि का भ्रमण किया, जहां समाजसेवी अन्ना हजारे द्वारा जल संरक्षण, श्रमदान और सामुदायिक अनुशासन के माध्यम से ग्राम विकास का अनुकरणीय मॉडल स्थापित किया गया है। वहां के नशामुक्ति अभियान, वृक्षारोपण और सामूहिक निर्णय प्रणाली से सदस्यों ने महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त किए। इसके अतिरिक्त प्रतिनिधिमंडल ने हिवरे बाजार का भी अध्ययन किया, जहां जल संरक्षण, कृषि विविधीकरण और पारदर्शी पंचायत संचालन के अभिनव प्रयोग देखे गए। जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी ने कहा कि इस प्रशिक्षण से टिकाऊ ग्राम विकास के व्यावहारिक मॉडल समझने का अवसर मिला है, जिन्हें अब जिले की ग्राम पंचायतों में लागू किया जाएगा। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने प्रतिनिधियों से संवाद कर प्रशासनिक सहयोग का आश्वासन दिया। जिला पंचायत सीईओ संदीप कुमार अग्रवाल ने बताया कि चरणबद्ध रूप से इन नवाचारों को जिले में लागू करने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उपसंचालक पंचायत शिवानी सिंह ने कहा कि यह प्रवास ग्राम विकास की नई दिशा तय करेगा। प्रशिक्षण से लौटे सदस्यों ने विश्वास जताया कि इन अनुभवों से बिलासपुर की ग्राम पंचायतें आत्मनिर्भर, सशक्त और आदर्श ग्राम के रूप में विकसित होंगी। जिला पंचायत शीघ्र ही संयुक्त कार्ययोजना बनाकर प्राथमिकता वाले ग्रामों में इन मॉडलों का क्रियान्वयन प्रारंभ करेगी। मनोज राज 23 फरवरी 2026