क्षेत्रीय
23-Feb-2026
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जयपुर (ईएमएस)। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कोटा के पाटनपोल स्थित वल्लभ सम्प्रदाय की प्रथम पीठ बड़े मथुराधीश जी मंदिर कॉरिडोर के प्रथम चरण एवं अन्य विकास कार्यों का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कोटा महोत्सव के अंतर्गत आयोजित हैरिटेज वॉक में भी भाग लिया।बिरला ने कहा कि मथुराधीश जी मंदिर केवल श्रद्धा का केंद्र नहीं, बल्कि हाड़ौती की आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि मंदिर के परिक्रमा मार्ग एवं अन्य विकास कार्यों की शुरुआत ऐतिहासिक अवसर है। मंदिर की प्राचीन गरिमा को सुरक्षित रखते हुए समय की आवश्यकताओं के अनुरूप सुविधाएँ विकसित की जाएँगी, ताकि देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था मिल सके।पाटनपोल में आयोजित शिलान्यास कार्यक्रम में श्री बिरला ने कहा कि मथुराधीश मंदिर कॉरिडोर के प्रथम चरण के अंतर्गत केडीए द्वारा 18.24 करोड़ रुपये की लागत से श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य किए जाएंगे। इसके पश्चात बिरला के नेतृत्व में गणमान्यजन हैरिटेज वॉक में शामिल हुए। हैरिटेज वॉक श्री मथुराधीश जी मंदिर से पाटनपोल होते हुए गढ़ पैलेस पहुँची, जहाँ साफा फेस्ट के अंतर्गत अतिथियों का साफा बांधकर स्वागत किया गया।हैरिटेज वॉक के दौरान कैथूनीपोल थाना परिसर में आयोजित कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ने 9.82 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाली कैथूनीपोल चौराहे से सेंट पॉल स्कूल तक लिंक सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। हैरिटेज वॉक श्रीपुरा, सब्जी मंडी और अग्रसेन बाजार होते हुए रामपुरा बाजार पहुँची, जहाँ पीपल चौक पर इसका समापन हुआ। इस दौरान उन्होंने 2.5 करोड़ रुपए की लागत से महात्मा गांधी विद्यालय, महारानी विद्यालय रामपुरा, घंटाघर और लक्खी बुर्ज पर फसाड लाइट इंस्टॉलेशन कार्य का भी शिलान्यास किया।श्री बिरला ने कहा कि जिस प्रकार अयोध्या, उज्जैन, सोमनाथ और खाटू श्यामजी जैसे प्रमुख धामों का विकास हुआ है, उसी भावना से श्री मथुराधीश जी मंदिर को भी आध्यात्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोटा के पुराने बाजार, ऐतिहासिक गलियाँ और धरोहरें शहर की पहचान हैं। इन्हें सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराना हमारा लक्ष्य है। मंदिर परिसर के भीतर होने वाले कार्य संतजनों और श्रद्धालुओं से संवाद के बाद ही किए जाएंगे, ताकि आस्था और परंपरा का सम्मान बना रहे। अशोक शर्मा/ 4 बजे/23 फरवरी 2026